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Jal Jeevan Mission: जल-जीवन मिशन का बुरा हाल, 3 साल में सिर्फ 35 प्रतिशत परिवारों तक ही पहुंचा पेयजल, बाकी पी रहे दूषित पानी

Jal Jeevan mission: कछुए की चाल से चल रही है शासन की महत्वाकांक्षी योजना, विभागीय लापरवाही की वजह से 65 प्रतिशत लोग आज भी नदी, नाले, ढोढ़ी व कुएं का पानी पीने को हैं विवश

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Jal Jeevan Mission

अंबिकापुर. Jal Jeevan Mission: सरगुजा जिले में जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) का हाल बुरा है। काम की गति कछुए की चाल से चल रही है। योजना के 3 साल बीतने के बाद भी मात्र 35 प्रतिशत परिवारों को ही योजना का लाभ मिल सका है। विभागीय उदासीनता के कारण शेष 65 प्रतिशत परिवार आज भी नदी, नाले, ढोढ़ी, कुएं के दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। विभाग ने केवल दिखावे के लिए जिले के लभग 1 लाख 81 हजार 56 परिवार के घरों के बाहर केवल नल का कनेक्शन लगा दिया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की अति महत्वपूर्ण जल-जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) की शुरूआत वर्ष 2021 में की गई थी। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब दूषित पानी से मुक्ति मिलेगी और पीने के लिए शुद्व पानी मिलेगा।

लेकिन भोले-भाले ग्रामीणों का यह (Jal Jeevan Mission) सपना आज तक सपना ही बन कर रह गया है। विभागीय उदासीनता के कारण लोगों के घर-घर पानी की व्यवस्था नहीं हो पाई है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग आज भी दूषित नाले, नदी, ढोढ़ी व कुएं के पानी पीने को मजबूर हैं।

सिर्फ दिखावे के लिए घरों के बाहर लगाए कनेक्शन

विभाग ने जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के नाम पर ग्रामीणों को इस कदर छलने का काम किया है कि उनके घरों के बाहर केवल दिखाने के लिए कनेक्शन लगाकर छोड़ दिया है। ग्रामीणों के दरवाजे के बाहर लगे नल कनेक्शन से शुद्ध पानी का इंतजार है।

विभागीय लापरवाही के कारण संभवत: वर्ष 2025 तक भी ग्रामीणों का सपना पूर्ण होता नहीं दिख रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में अभी भी 64 हजार से अधिक घरों में योजना के तहत पानी पहुंचना बाकी है।

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Jal Jeevan Mission: 137 करोड़ रुपए की है यह योजना

ग्रामीण इलाकों में लोगों को शुद्ध पानी मिल सके इसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन की शुरूआत वर्ष 2021 में की गई थी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सरगुजा द्वारा 137 करोड़ रुपए की लागत से कार्य कराना है। इतनी बड़ी राशि शासन से मिलने के बावजूद भी योजना की गति काफी धीमी है।

1 लाख 46 हजार 156 परिवारों का है टारगेट

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 1 लाख 46 हजार 156 नल कनेक्शन का टारगेट है। इसमें १ लाख 81 हजार 156 परिवार को कनेक्शन देना है। लगभग तीन साल बाद भी जिले में मात्र 44,154 परिवारों को ही सुविधा का लाभ मिल रहा है। इनके घरों में नल जल शुरू हो गया है।

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अधिकांश घरों के बाहर केवल नलों की टोंटी

विभाग के अनुसार जल जीवन मिशन योजना (Jal Jeevan Mission) की शुरूआत वर्ष 2021 में की गई थी। लगभग तीन साल में 1 लाख 26 हजार 924 घरों में केवल नल की टोंटी लगाकर छोड़ दिए गए हैं। इन ग्रामीणों को अपने-अपने घरों के बाहर नल की टोंटी देखकर ही प्यास बुझानी पड़ रही है।

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ठेकेदार भी परेशान, नहीं हो रहा भुगतान

जल-जीवन मिशन के तहत कराए गए कामों का भुगातन विभाग द्वारा ठेकेदारों को नहीं किया गया है। भुगतान नहीं होने से जिले के ठेकेदारों में रोष है।

गुरुवार को ठेकेदार संघ के बैनर तले जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के ठेकेदारों ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में ताला जडक़र नारेबाजी की और जल्द से जल्द भुगतान कराने की मांग की। ठेकेदारों का कहना है कि विभाग द्वारा दिसंबर 2023 से भुगतान नहीं किया गया है। इससे हमारे बीच आर्थिक तंगी की स्थिति निर्मित हो गई है।

2025 तक संभवत: पूरा कर लेंगे काम

लोक स्वास्थ्य यात्रिकी विभाग सरगुजा के कार्यपालन अभियंता एसके सिंह का कहना है कि जिले के 35 प्रतिशत परिवारों के घरों में जल जीवन मिशन के तहत पानी मिलना शुरू हो गया है। जिले में 1 लाख 86 हजार 156 कनेक्शन का टारगेट है। जो डेडलाइन के अनुसार वर्ष 2025 तक संभवत: पूर्ण कर लिया जाएगा।


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