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Ambikpur school: निगम के जर्जर स्कूल में पढ़ रहे 45 बच्चे, कभी भी ढह सकती है बिल्डिंग, प्राचार्य बोलीं- शिक्षकों की जान भी खतरे में

Ambikpur school: पहली से 5वीं तक के बच्चों की सुरक्षा ताक पर रखकर संचालित किया जा रहा है स्कूल, नीचे की ओर दब रही बिल्डिंग, जिम्मेदार हैं खामोश

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Ambikapur school

Nigam shabby school building and studying children (Photo- Patrika)

अंबिकापुर. संभाग मुख्यालय अंबिकापुर केे नगर निगम स्कूल (Ambikpur school) में हादसे को आमंत्रण देती क्लास लग रही है। यहां बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। भवन नीचे की ओर दब रहा है। यहां कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चे अध्ययनरत हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार बेफिक्र हैं। जिम्मेदारों की उदासीनता से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्कूल भवन लगभग 20 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। तीन से चार बार भवन की मरम्मत भी कराई जा चुकी है। मरम्मत के नाम पर केवल शासकीय फंड का दुरूपयोग हो रहा है। स्थानीय पार्षद स्कूल भवन के खतरे के बारे में सुशासन तिहार के माध्यम से भी सरकार को अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद भी कोई पहल नहीं की जा रही है।

नगर निगम उच्चतर माध्यमिक स्कूल (Ambikpur school) का नाम बदलकर पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला नगर पालिक निगम कर दिया गया है। इस स्कूल में कक्षा पहली से 5वीं तक के बच्चे अध्ययनरत हैं। यह स्कूल भवन काफी पुराना हो जाने के कारण पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। स्कूल भवन के पिलर जगह-जगह से टूट रहे हैं।

इसलिए भवन नीचे की ओर दब रहा है। वहीं पीछे का हिस्सा भी पूरी तरह जर्जर है। प्लास्टर गिर रहा है। कभी भी स्कूल भवन गिर सकता है। इतने खतरों के बावजूद प्रतिदिन वहां कक्षा संचालित हो रही है। जिम्मेदारों की उदासीनता के बीच नौनिहाल अपनी जान को जोखिम में डालकर शिक्षा (Ambikpur school) ग्रहण करने को मजबूर हैं।

सुशासन तिहार में भी दिया गया है आवेदन

यह स्कूल गुरुद्वारा वार्ड नंबर 36 में आता है। यहां के पार्षद गुड्डू मेराजशासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार में जर्जर स्कूल को लेकर आवेदन कर चुके हैं। वहीं पार्षद स्कूल का मुद्दा निगम के सामान्य सभा में भी रख चुके हैं। इसके बावजूद भी अब तक कोई पहल नहीं की जा रही है। जर्जर व खतरों से भरे स्कूल (Ambikpur school) में बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।

Ambikpur school: प्राचार्य बोलीं- हर पल जान खतरे में

स्कूल के प्राचार्य प्रतिभा सिंह ने बताया कि उक्त स्कूल में कुल 45 बच्चे अध्ययनरत हैं। इसके अलावा 4-5 शिक्षक भी हैं। बच्चों सहित शिक्षकों की भी जान खतरे में रहती है। स्कूल भवन (Ambikpur school) इतना जर्जर हो चुका है कि कभी भी गिर सकता है। खतरे को देखते हुए स्कूल प्रबंधन द्वारा फस्र्ट फ्लोर पर संचालित होने वाली कक्षाएं बंद करा दी गईं हैं।

पीडब्ल्यूडी ने अब तक नहीं दी जांच रिपोर्ट

नगर निगम के आयुक्त डीएन कश्यप का कहना है कि स्कूल भवन (Ambikpur school) जर्जर की जानकारी मिलने पर पीडब्ल्यूडी को जांच के लिए पत्र जारी किया है। क्योंकि निर्माण एजेंसी वही है। तकनीकी जानकारी पीडब्ल्यूडी ही लेगी। विभाग ने अब तक जांच कर नहीं रिपोर्ट नहीं दी है। जबकि पत्र लिखे 3-4 माह हो चुके हैं।

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