मंदिर के एडिशनल सीईओ पीएन द्विवेदी ने बताया कि घरेलू श्रद्धालुओं की मांग के बाद यह ड्रेस कोड लागू किया गया है। इस तरह की मांग विशेष रूप से दक्षिण भारत से आने वाले श्रद्धालुओं ने की थी, उन्होंने उत्तेजक कपड़े पहनकर मंदिर में आने पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि तिरुपति बालाजी मंदिर की तरह ही महिलाओं के लिए साड़ी और पुरुषों के लिए धोती कुर्ते को ड्रेस कोड बनाया जाए। विदेशी सैलानी जब छोटे कपड़े पहनकर मंदिर आते हैं तो अजीब स्थिति उत्पन्न हो जाती है।