
दो प्रेमी अपने स्पेशल वन के साथ इसे खास अंदाज में सेलिब्रेट करते हैं।
नई दिल्ली। दुनिया भर में आज वैलेंटाइन डे मनाया जा रहा है। इस दिन को अलग-अलग देशों में अलग-अलग तरीकों से मनाने का प्रचलन है। इस दिन को लोग अपने प्यार को सेलिब्रेट करने के लिए बेहतर अवसर मानते हैं। भारत में भी इसे मनाया जाता है लेकिन कुछ लोग इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताकर विरोध भी करते हैं।
दरअसल, 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के तौर पर मनाया जाता है। दुनिया भर के प्रेमी जोड़े वैलेंटाइन डे का सालभर इंतजार करते हैं। यही वजह है कि इस दिन को दो प्रेमी खास अंदाज में अपने स्पेशल वन के साथ सेलिब्रेट करते हैं।
पादरी वैलेंटाइन ने दिया था प्रेम का संदेश
बात तीसरी शताब्दी की है। रोम के एक क्रूर सम्राट क्लॉडियस द्वितीय ने प्रेम करने वालों पर जुल्म ढाए थे। राजा को लगता था कि प्यार और शादी से पुरुषों की बुद्धि और शक्ति दोनों का नाश होता हैं। उसके राज्य में सैनिक और अधिकारी शादी नहीं कर सकते थे। लेकिन पादरी वैलेंटाइन ने सम्राट के आदेशों की अवहेलना कर प्रेम का संदेश दिया। उन्होंने कई अधिकारियों और सैनिकों की भी शादी कराई। इस बात से नाराज राजा पादरी के खिलाफ हो गया और 14 फरवरी 270 को उन्हें फांसी पर लटका दिया गया। तभी से प्रेम के लिए बलिदान देने वाले इस संत की याद में ही हर साल 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाते हैं।
भारत में कुछ लोग क्यों करते हैं इसका विरोध
भारत में वैलेंटाइन डे मनाने को लेकर कुछ वर्गों से विरोध के स्वर भी उठते रहते हैं। ऐसे भारतीय संस्कृति का हवाला देते हैं। विरोध करने वालों का कहना है कि इससे हमारी संस्कृति को नुकसान पहुंचता है। हमें वहीं करना चाहिए जो भारतीय परंपरा के अनुकूल हो।
Updated on:
14 Feb 2021, 9:52 AM IST
Published on:
14 Feb 2021, 9:17 AM IST
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