इंस्टेंट लोन के नाम पर हो रहा ऑनलाइन फ्रॉड, इतना टॉर्चर किया गया कि कर लिया सुसाइड

  • इंटरनेट पर बहुत सी ऐसी एप्स मौजूद हैं, जो बिना डॉक्यूमेंट के इंस्टेंट लोन देती हैं।
  • पिछले दिनों भारतीय रिजर्व बैंक ने भी लोगों को आगाह किया था कि बिना डॉक्यूमेंट इंस्टेंट लोन देने वाली एप्स और कंपनियों से सावधान रहें।

By: Mahendra Yadav

Published: 12 Jan 2021, 08:50 PM IST

टेक्नोलॉजी बढ़ने के साथ ऑनलाइन फ्रॉड भी बढ़ गए हैं। आजकल लोग अपने स्मार्टफोन से ही सभी काम कर लेते हैं। घर बैठे ही लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से बिल भुगतान, शॉपिंग और मनी ट्रांसफर कर लेते हैं। बता दें कि इंटरनेट पर बहुत सी ऐसी एप्स मौजूद हैं, जो बिना डॉक्यूमेंट के इंस्टेंट लोन देती हैं। कई लोग इनके झांसे में आ जाते हैं। पिछले दिनों भारतीय रिजर्व बैंक ने भी लोगों को आगाह किया था कि बिना डॉक्यूमेंट इंस्टेंट लोन देने वाली एप्स और कंपनियों से सावधान रहें। हालांकि लोग जानकारी के अभाव में इन एप्स के झांसे में आ जाते हैं और लोन लेने के बाद इनको फ्रॉड का पता चलता है।

इंस्टेंट लोन के चक्कर में फंसा युवक
इंस्टेंट लोन के चक्कर में कई लोग फंस जाते हैं और बाद में उन्हें पछताना पड़ता है। पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। अब एक ऐसा ही मामला दिल्ली में सामने आया है। दिल्ली में एक युवक को मोबाइल एप से लोन लेना इतना महंगा पड़ा कि उसने परेषान होकर आत्महत्या कर ली। हरीष नाम का युवक बिना डॉक्यूमेंट इंस्टेंट लोन देने वाली मोबाइल एप के झांसे में फंस गया।

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लिया था मात्र 6 हजार का लोन
पुलिस रिपोर्ट में इंस्टेंट लोन देने वाली एप का नाम नहीं बताया गया। बता दें कि इंटरनेट पर ऐसी बहुत सी एप्स हैं जो लोगों को बिना डॉक्यूमेंट इंस्टेंट लोन देने का दावा करती हैं। हालांकि इनमें से ज्यादातर एप्स रजिस्टर्ड नहीं हैं। दिल्ली निवासी 25 साल के युवक हरीष ने भी अपने मोबाइल में एक ऐसी ही इंस्टेंट लोन देने वाली एप इंस्टॉल की थी। युवक ने इस एप से मात्र 6,000 रुपए का लोन लिया था। लेकिन यह 6 हजार रुपए का लोन ही उसकी मौत का कारण बन गया। रिपोर्ट के अनुसार, हरीश को इतना डराया और टॉर्चर किया गया कि उसने ने सुसाइड कर लिया।

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ऐसे किया गया टॉर्चर
रिपोर्ट के अनुसार, हरीष ने लोन की रकम से 30 गुना तक ज्यादा पैसा उस एप कंपनी को चुका दिया। इसके बावजूद एप तरह-तरह के चार्ज बताकर उस पर पैसा बकाया बताती रही। इतना ही पैसा नहीं देने पर युवक को तरह-तरह से टॉर्चर किया गया। एप ने युवक और उसके पिता के नाम से व्हाट्सएप पर एक फर्जी अकाउट बनाया। रिपोर्ट के अनुसार इस व्हाट्सएप ग्रुप में एप ने युवक के कुछ रिश्तेदारों और दोस्तों को जोड़ लिया था। इस ग्रुप में एप ने हरीष का फ्रॉड बताने वाले मैसेज भेजे गए। इतना ही नहीं एक रिपोर्ट के अनुसार युवक के परिजनों को एप की तरफ से कॉल भी किए गए। युवक इतनी बेइज्जती सह नहीं पाया और उसने सुसाइड कर लिया।

Mahendra Yadav
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