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इस मेड इन इंडिया एप ने किया कमाल, मात्र 6 महीने में ही हुए इतने करोड़ यूजर्स

इतने अधिक यूजर्स तक पहुंचने में मोज एप को लगभग 6 महीने लगे हैं। मोज को गूगल प्ले स्टोर पर 1 जुलाई, 2020 को लॉन्च किया गया था, जहां लगातार यह टॉप एप में शामिल रहा।

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भारत सरकार ने पिछले साल कई चाइनीज एप्स (Chinese Apps) पर बैन लगाया। इसमें शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म टिकटॉक (TikTok) भी शामिल है। टिक टॉक के भारत में बैन होने के बाद मेड इन इंडिया एप्स (Made in India Apps) की काफी डिमांड बढ़ी है। सोषल मीडिया पर भी मेड इन इंडिया एप्स की डिमांड हो रही है। इस बीच घरेलू शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म मोज (Moj App) ने घोषणा की कि उसके एप को गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) पर 100 मिलियन यानी 10 करोड़ से भी अधिक बार डाउनलोड किया गया है। बता दें कि Moj App काफी कम समय में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की, इतने अधिक यूजर्स तक पहुंचने में एप को लगभग 6 महीने लगे हैं।

ऐसे फीचर्स हैं मोज में
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि उन्नत सुविधाओं के एक समूह के अलावा, मोज एप शक्तिशाली निर्माण उपकरण के साथ उपयोगकर्ताओं के अपने समुदाय को सशक्त बनाता है, जो मजबूत संपादन क्षमताओं, एक विशाल संगीत पुस्तकालय, कैमरा फिल्टर और उच्च आकर्षक और मजेदार मूल सामग्री बनाने के लिए उपयोगकर्ताओं के लिए विशेष प्रभाव द्वारा समर्थित है।

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पिछले साल जुलाई में की गई थी लॉन्च
मोज को गूगल प्ले स्टोर पर 1 जुलाई, 2020 को लॉन्च किया गया था, जहां लगातार यह टॉप एप में शामिल रहा। आईओएस पर बेहद लोकप्रिय होने के कारण मोज को एप स्टोर पर शीर्ष 10 सोशल नेटवर्किं ग एप में स्थान दिया गया है। हाल ही में, इसे गुगल प्ले स्टोर द्वारा 2020 में बेस्ट एप फॉर फन के रूप में मान्यता मिली है। एप अंग्रेजी और कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है।

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बंद होने जा रही ये मेड इन इंडिया एप
यूजर्स के अभाव में कई मेड इन इंडिया एप्स बंद हो जाते हैं। ऐसा ही कुछ एक एप के साथ हुआ है। यह एप इसी महीने बंद होने जा रहा है। इस बात की जानकारी एप के सीईओ ने ट्वीट करके दी। हम बात कर रहे हैं हाईक के स्टीकर चैट एप की। दरअसल, हाईक की स्टीकर चैट एप इसी माह बंद होने जा रहा है। इस बात की पुष्टि एप के को-फाउंडर और सीईओ केविन भारती मित्तल ने ट्वीट करके की है। एप के को-फाउंडर और सीईओ केविन भारती मित्तल ट्वीट में जानकारी देते हुए बताया कि हाईक स्टीकर चैट एप को जनवरी 2021 में बंद कर जाएगा। सीईओ का कहना है कि यह एप कंपनी की उम्मीदों के मुताबिक सफल नहीं हो पाया।