
मोबाइल फोन में पैनिक बटन का ट्रायल 26 जनवरी से किया जा रहा है। इसके बाद धीरे—धीरे सभी मोबाइल फोन्स में पैनिक बटन दिया जाएगा। महिला और बाल विकास मंत्रालय की ओर से पैनिक बटन को लेकर 3 साल मोबाइल कंपनियों को कहा जा रहा है। यह बटन मुसीबत में फंसी महिलाओं को तुरंत मदद पहुंचाने के लिए पैनिक बटन का ट्रायल सफल होने के बाद इसे सबसे पहले पूरे उत्तर प्रदेश में जारी किया जाएगा। इसके बाद इस साल अंत तक इसका विस्तार पूरे देश में किया जाएगा।
1 अगस्त 2017 से प्रावधान
महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा है कि मोबाइल फोन्स में पैनिक बटन के लिए ट्रायल की तैयारी पूरी कर ली गई है। सबसे पहले इसका ट्रायल यूपी में किया जा रहा है। मिनिस्ट्री के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक पैनिक बटन को इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम से जोड़ा जाएगा। यूपी में इस पर काम हो चुका है। इसके लिए यूजर को अपने मोबाइल फोन में एक एप डाउनलोड करना होगा। जिसके बाद पैनिक बटन काम करने लगेगा। उन्होंने कहा कि 1 अगस्त 2017 के बाद मोबाइल फोन के जितने ब्रैंड बिके हैं उनमें हार्डवेयर में ही पैनिक बटन का प्रावधान किया गया है। पैनिक बटन की एप डाउनलोड करने के बाद यदि कोई पावर बटन तीन बार दबाएगा तो पैनिक बटन काम करेगा और कॉल 112 में चली जाएगी।
इमरजेंसी नंबर बनाए गए
कुछ राज्यों में इमरजेंसी नंबर 112 बनाए गए हैं और जहां यह नहीं हैं तो कॉल सीधे इमरजेंसी नंबर 100 पर जाएगी। मिनिस्ट्री के अधिकारी के मुताबिक जब पैनिक बटन दबाया जाएगा तो यह पांच एक्शन करेगा। पहला- आसपास की पुलिस अथॉरिटी के पास मदद के लिए पांच एसएमएस भेजेगा, दूसरा- पहले से फीड किए गए पांच नंबरों पर मदद के लिए एसएमएस जाएंगे। तीसरा- इमरजेंसी नंबर पर वॉयस कॉल जाएगी, चौथा- सभी के पास यूजर की लोकेशन जाएगी और पांचवां- आसपास के करीब 25 एक्टिव वॉलंटियर्स के पास मदद के लिए अलर्ट जाएगा।
वॉलंटियर्स रजिस्टर्ड किए जाएंगे
इसके लिए वॉलंटियर्स रजिस्टर्ड किए जाएंगे, जो पुलिस के पहुंचने से पहले अगर लोकेशन पर पहुंच पाएं तो मदद मांगने वाली महिला को जरूरी मदद मुहैया कराएंगे। मिनिस्ट्री के अधिकारी के मुताबिक अभी ट्रायल स्मार्ट फोन पर ही किया जाएगा। इसके सफल रहने के बाद इसे आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया जाएगा। बाद में फीचर फोन के लिए सिस्टम डिवेलप होगा साथ ही मोबाइल कंपनियों से कहा जाएगा कि पुराने फोन में पैनिक बटन का प्रावधान अपडेट करें।
ट्रायल तीन चरणों में होगा पूरा काम
यह ट्रायल तीन चरणों में होगा। पहले चरण में कुछ सिलेक्टेड और पहचान वाले यूजर के बीच ट्रायल किया जाएगा। दूसरे चरण में सिलेक्टेड और अनजान यूजर्स के बीच ट्रायल होगा और तीसरे चरण में रैंडम ट्रायल होगा। मिनिस्ट्री के सीनियर अधिकारी के मुताबिक इसका ट्रायल यूपी से कर इसे सबसे पहले यूपी में ही लॉन्च किया जाएगा। यूपी को इसलिए चुना गया क्योंकि अगर यह यूपी में सफल हो गया तो फिर किसी भी राज्य में सफल हो सकता है
Published on:
03 Jan 2018 09:44 am
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