
नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के दौरान माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने स्पैम भेजने वालों पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। ट्विटर ने एक बार फिर अपने पॉलिसी में बदलाव करते हुए ऐलान किया है कि अब 400 से ज्यादा नए हैंड्ल्स को फॉलो नहीं कर सकते हैं। ट्विटर के इस फैसले से राजनीतिक पार्टी को बड़ा झटका लग सकता है, क्योंकि चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक पार्टियां सोशल मीडिया का कैंपेनिंग के लिए इस्तेमाल करती है।
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2014 का चुनाव हर किसी को याद है कि किस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Twitter के जरिए युवाओं के दिलों पर राज किया था और वोट बैंक को अपनी तरफ खींचने में कामयाब हुए थे। पीएम मोदी की सोशल मीडिया पर लोकप्रियता को देखकर ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्विटर ज्वाइन किया और लोगों से जुड़ना शुरू किया। इतना ही नहीं 2019 के चुनाव में खुद को मजबूती से खड़ा करने के लिए बीएसपी चीफ मायावती ने भी सोशल मीडिया का सहारा लेना सही समझा और ट्विटर से जुड़ी।
ऐसे में ट्विटर का ये फैसला राजनीतिक पार्टियों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। पीएम मोदी के एक ट्वीट पर मिनटों में हजारों लाइक्स आते हैं। इतना ही नहीं एक दिन में उनके फॉलोर्वस की भी संख्या हजार के करीब हो जाता है। ऐसे में इन नेताओं को अपनी बात लोगों के बीच पहुंचाने में आसानी हो जाती है।
ट्विटर टीम ने इस फैसले पर ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘‘फॉलो, अनफॉलो, फॉलो, अनफॉलो। कौन करता है ऐसा? स्पैमर्स।’’ । साथ ही टीम ने लिखा कि यही वजह है कि एक दिन में फॉलो किए जाने वाले हैंल्डस की संख्या को 1000 से घटाकर 400 कर रहे हैं। आप चिंता ना करें। इससे कोई दिक्कत नहीं होगी।
बता दें कि इससे पहले ट्विटर 10 सितंबर 2018 को अपनी पॉलिसी में बदलाव किया था और उस समय ट्वीट करने, रीट्वीट करने, लाइक्स, फॉलो और डायरेक्ट मैसेज करने की एक सीमा तय की थी। पुराने नियम के मुताबिक 3 घंटे में सिर्फ 300 ट्वीट और रीट्वीट कर सकते थे। इसके अलावा 24 घंटे में आप सिर्फ 1000 ट्वीट को लाइक और 1000 लोगों को फॉलो कर सकते थे। साथ ही 24 घंटे में आप 15,000 लोगों को डायरेक्ट मैसेज भेज सकते थे।
Published on:
10 Apr 2019 11:23 am

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