भारत-पाकिस्‍तान सीमा (India-Pakistan border) पर अटारी में स्वर्ण जयंती द्वार के सामने से 'हिन्द-पाक दोस्ती मंच स्मारक' (Hind-Pak Friend Memorial) को हटा दिया गया है।
अमृतसर। भारत-पाकिस्तान सीमा (India-Pakistan border) पर अटारी में स्वर्ण जयंती द्वार के सामने से 'हिन्द-पाक दोस्ती मंच स्मारक' (Hind-Pak Friend Memorial) को हटा दिया गया है। इसे अब मौजूदा जगह से करीब 300 मीटर पहले बनाया जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highway Authority of India) द्वारा बनाए जाने वाले चौक के बीचो-बीच अद्वितीय सुंदर स्मारक अगले दो महीने में तैयार हो जाएगा।
सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) के डीआईजी बीएस रावत और नेशनल अथॉरिटी आफ इंडिया के अधिकारी सुनील यादव ने इस संबंध में बुधवार को बैठक में अकादमी के अध्यक्ष रमेश यादव, उपाध्यक्ष दिलबाग सिंह सरकारिया को दी। याद रहे कि फोकलोर रिसर्च अकादमी द्वारा साल 1996 में अटारी बार्डर पर स्वर्ण जंयती द्वार के सामने बनाए हिंद-पाक दोस्ती मंच स्मारक को नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया की ओर से हटाया गया है। इससे अकादमी के अध्यक्ष रमेश यादव व हिंद-पाक दोस्ती मंच से जुड़े लोगों में रोष जताया था। रमेश यादव अकादमी के उपाध्यक्ष दिलबाग सिंह सरकारिया के साथ बीएसएफ के डीआइजी बीएस रावत को मिलने पहुंचे।
बैठक में बीएसएफ के डीआइजी बीएस रावत ने उन्हें बताया कि सुरक्षा कारणों के चलते वहां चौक बनाया जाना है। उन्होंने अकादमी के पदाधिकारियों को भरोसा दिया कि हिंद-पाक दोस्ती से जुड़ा स्मारक अटारी बॉर्डर ही पर रहेगा, लेकिन इसका नई जगह पर निर्माण करवाया जाएगा। वहीं अथॉरिटी के अधिकारी सुनील यादव ने बताया कि नई जगह पर इसका दो माह में निर्माण करवा दिया जाएगा।
फोकलोर रिसर्च अकादमी के अध्यक्ष रमेश यादव ने बताया कि 1996 में स्थापित किए गए स्मारक पर हर साल 14 और 15 अगस्त की मध्यरात्रि हिंद-पाक दोस्ती मंच तथा साउथ एशिया फ्री मीडिया एसोसिएशन के लोगों के साथ मिलकर यहां मोमबत्तियां जलाते हैं। इस बार कोरोना संकट काल के चलते उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई। इसी दौरान उन्हें पता चला कि स्मारक को वहां से हटा दिया गया है। इस कारण अकादमी व हिन्द-पाक दोस्ती मंच से जुड़े लोगों में रोष पाया जा रहा है। इसी के चलते बुधवार को अकादमी के सदस्य बीएसएफ अधिकारियों से मिलने पहुंचे थे।