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बसपा के संगठन में बड़ा बदलाव, पुराने वफादार नेता को दी बहुत बड़ी ज‍िम्मेदारी

पार्टी सुप्रीमो मायावती ने भी पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए अपने पुराने वफादारों की जिम्मेदारी बढ़ाकर उन्हें ईनाम दिया है।
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मुरादाबाद

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Jai Prakash

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Updated: 19 Jun 2018, 10:24 AM IST

moradabad

बसपा के संगठन में बड़ा बदलाव, पुराने वफादार नेता को दी बहुत बड़ी ज‍िम्मेदारी

मुरादाबाद: लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर सभी पार्टियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। वहीँ बीते चार उपचुनाव में गठबंधन के नतीजों से उत्साहित बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने भी पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए अपने पुराने वफादारों की जिम्मेदारी बढ़ाकर उन्हें ईनाम दिया है। सोमवार को हुई संगठन की समीक्षा बैठक में मायावती ने मुरादाबाद के रहने वाले और पूर्व विधायक गिरीश चन्द्र को पूरे वेस्ट यूपी का प्रभारी बनाया है। इससे पहले वे अभी तक जोनल कोआर्डिनेटर की जिम्मेदारी निभा रहे थे। वहीँ इसके साथ ही मंडल प्रभारी रणविजय सिंह को मुरादाबाद के साथ ही बरेली जोन की भी जिम्मेदारी सौंपी गयी है।

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एक ही जनपद के नेताओं का बढ़ा कद

यहां बता दें कि पिछले महीने ही मायावती ने राज्यसभा सांसद वीर सिंह को राष्ट्रिय महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी थी। और अब यहीं से गिरीश चन्द्र को पश्चमी यूपी प्रभारी की कमान सौंपना उनकी मजबूत रणनीति माना जा रहा है। दोनों नेता मायावती के वफादार के साथ ही सजातीय भी हैं और संगठन की शुरुआत से साथ जुड़े हैं। फिर इससे ये सन्देश भी जाएगा कि पार्टी वफादारों के लिए अभी भी पार्टी में उचित स्थान है।

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सजातीय वोट बैंक साधने की कोशिश

वेस्ट यूपी में मुस्लिम वोट बैंक को देखते हुए मायावती ने पहले मुनकाद अली को यहां का प्रभारी बनाया था फिर उसके बाद लोकसभा चुनावों में हार के बाद नसीमुद्दीन को प्रभारी बनाया गया था। लेकिन बीते विधान सभा चुनाव में पार्टी को सबसे अधिक नुकसान इसी इलाके में हुआ। दलित मुस्लिम गठजोड़ की वजह से मुरादाबाद मंडल बसपा के लिए मजबूत आधार माना जाता था। 2007 में यहां सबसे ज्यादा विधायक उसके पास थे। अब गठबंधन की स्थिति में बसपा अपने बेस वोट को अपने भरोसे और मुस्लिम वोटरों को सपा और कांग्रेस के सहारे साधने की कोशिश करेगी। इसीलिए एकाएक उसने इन नेताओं को नयी जिम्मेदारी सौंपी है।

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ये जाएगा सन्देश

फ़िलहाल वक्त इस समय गिरीश चन्द्र के साथ ही समसुद्दीन राईनी के साथ ही राजकुमार और सूरज सिंह भी वेस्ट यूपी की कमान संभाले है। लेकिन कुछ ही वक्त में केवल एक जिले के पदाधिकारियों पर मायावती का भरोसा सीधा राजनितिक सन्देश देता है। जिसमें उनके सजातीय कार्यकर्ताओं में सकारात्मक सन्देश जाएगा। इसी के तहत ही रणविजय सिंह का भी कद बढाया गया है।