
महागठबंधन को लेकर मायावती के तेवरों पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने दिया ये बड़ा बयान
मुरादाबाद: बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा महागठबंधन और सीटों के बंटवारे को लेकर दिए गए बयान से उनका गठबंधन पर विरोध समझा जा रहा है। जब मुरादाबाद में कार्यकर्त्ता सम्मेलन में आये कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आज़ाद से इस पर प्रतिक्रिया ली गयी तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि सीटें हो हमें सम्मान जनक मिलनी चाहिए। यही नहीं उन्होंने कहा जो महागठबंधन में नहीं है वो कहीं न कहीं भाजपा की मदद कर रहा है। जनता उसकों जबाब देगी। जहां तक सीटों के बंटवारे की बात है सभी दल मिलकर फैसला लेंगे।
कार्यकर्त्ता सम्मेलन में आये थे
कार्यकर्ता सम्मेलन में लोकसभा चुनाव की तैयारियों को तेज करने के लिए पहुंचे कांग्रेसी नेताओं ने बूथ स्तर पर तैयारी तेज करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं की नाराजगी को भी गंभीरता से सुना। पंचायत भवन में सोमवार को हुए कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने जहां कार्यकर्ताओं की समस्या नोट कर जल्द ही सुलझाने का दावा किया।
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सीटों के बंटवारे पर कही ये बात
गुलाम नबी ने कहा की जो भी दल जनता के सामने भाजपा सरकार को बुरा-भला कहतें हैं और भाजपा की जनविरोधी नीतियों की बुराई करते हैं वह सब महागठबंधन में शामिल हैं। लेकिन अगर उनके मन में कुछ और चल रहा है तो उन्हें जनता को जबाब देना होगा। मायावती द्वारा सम्मानजनक सीटें मिलने पर महागठबंधन करने के बयान पर गुलाम नबी आजाद ने चुटकी ली और कहा कि सीटें तो उन्हीं को बांटनी हैं। लिहाजा सम्मानजनक सीटें कांग्रेस को मिलनी चाहिए। गुलाम नबी के मुताबिक सीटों का बंटवारा सभी दलों की आपसी सहमति से होना है, लिहाजा सभी दल इस बंटवारे में शामिल होंगे।
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बसपा पर ली चुटकी
बसपा सुप्रीमो मायावती के बार-बार महागठबंधन को लेकर आ रहें विरोधी बयानों पर गुलाम नबी ने चुटकी लेकर मामला संभालने की भरपूर कोशिश की, लेकिन आखिर में उनको कहना पड़ा कि एंटी बीजेपी सोच रखने वाले सभी दलों को महागठबंधन बनाना ही होगा।लेकिन कोई दल दिल से भाजपा की तरफ देख रहा है तो उसको जबाब जनता को देना होगा। गुलाम नबी के बयान से साफ है कि मायावती को लेकर सहयोगी दलों के नेताओं में असमंजस की स्थिति है और बसपा सुप्रीमो उन्हें मुश्किल में डाल रही हैं।
स्थानीय संगठन की रिपोर्ट निगेटिव
कार्यकर्त्ता सम्मेलन के बाद पार्टी नेताओं ने स्थानीय कार्यकर्ताओं से नाराजगी भी जताई और कहा जो आज कार्यक्रम में नहीं आये उन्हें हटाकर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को स्थान दें। यहां बता दें कि 70 फीसदी कार्यकर्त्ता जिनकी लिस्ट कांग्रेस नेताओं को सौंपी गयी थी वे नहीं आये। जिससे स्थानीय संगठन पदाधिकारियों की विस्वश्नियता पर भी दोनों नेताओं ने सवाल उठाये।
Published on:
18 Sept 2018 08:35 am

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