जहां पर संस्कृति के नाम पर ये सब हो रहा है, वह स्थान कोतवाली गुन्नौर के पास ही है। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत मेला कमेटी से भी की, लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। हैरानी इस बात की है मेले में पुलिस भी मौजूद रहती है। इसके बावजूद इसके यह सब यहां खुलेआम चल रहा है। शहर इज्जतदार लोग लोग मेला कमेटी से भी इस पर आपत्ति भी जता चुके हैं। लेकिन इस आयोजन पर कोई रोक नहीं लग पा रही है।