
नूरपुर उपचुनाव: मुस्लिम मतदाता बिगाड़ सकते हैं भाजपा का गणित
मुरादाबाद: 28 मई को होने जा रहे नूरपुर और कैराना उपचुनाव को लेकर सूबे व् केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी भारतीय जनता पार्टी कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। नूरपुर विधानसभा पर तत्कालीन विधायक लोकेन्द्र चौहान की सड़क हादसे में मौत के बाद उपचुनाव हो रहा है। चूंकि इस बार उसका मुकाबला बेहद आसन नजर नहीं आ रहा। सपा बसपा के साथ ही रालोद और आप ने भी भाजपा के खिलाफ हाथ मिला लिया है। अभी गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में भाजपा की हार से किरकिरी भी हुई थी। लेकिन अब पार्टी ऐसा कोई मौका विपक्षियों को देना नहीं चाहती। खुद राज्य मंत्री भूपेन्द्र चौधरी अपनी टीम के साथ डेरा डाले हुए हैं। नूरपुर के लिए मुरादाबाद का सर्किट हाउस इस समय वार रूम की तरह काम कर रहा है। भाजपा के छोटे बड़े सभी नेता पदाधिकारियों के साथ यहां रणनीति बना रहे हैं।
सीएम भी करेंगे रैली
नूरपुर उपचुनाव के लिए खुद सीएम योगी आदित्यनाथ 24 मई को रैली करेंगे,अभी उनका कार्यक्रम नहीं मिला है। लेकिन डिप्टी सीएम केशव मौर्य का मिल गया है। वे नूरपुर में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले मंगलवार को राज्य मंत्री डॉ महेंद्र सिंह भी भाजपा प्रत्याशी के प्रचार के लिए पहुंचे थे। स्थानीय सूत्रों की माने तो इस बार नूरपुर उपचुनाव मंडल के दो बड़े नेताओं के बीच भी बर्चस्व की जंग बना हुआ है। राज्य मंत्री भूपेन्द्र चौधरी और सांसद सर्वेश सिंह की अदावत किसी से छिपी नहीं है। लेकिन पार्टी हाई कमान के बाद सांसद सर्वेश सिंह प्रचार में दिख रहे हैं। लेकिन माना यही जा रहा है कि वे बेमन से प्रचार कर रहे हैं।
मुस्लिम मतदाता बिगाड़ सकते हैं गणित
मृतक विधायक लोकेन्द्र सिंह चौहान राज्य मंत्री भूपेन्द्र चौधरी के बेहद करीबी थे,इसलिए खुद उन्होंने नूरपुर में डेरा डाल रखा है। सुबह तडके से लेकर रात बारह बजे तक वे कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव प्रचार में लगे हैं। लेकिन भाजपा को सबसे बड़ा जो खतरा बताया जा रहा है वो है सपा बसपा का साथ लड़ना। जिस कारण करीब चालीस फीसदी से अधिक मुस्लिम मतदाता वाली इस सीट पर अगर एकतरफ़ा वोटिंग हुई तो भाजपा को मुश्किल हो सकती है।
Published on:
23 May 2018, 10:22 PM IST
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