24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

1700 किलोमीटर के सफर में नशे की भारी खेप पकड़ी गई, पुलिस ने ट्रक और तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

Moradabad Crime: मेरठ एसटीएफ और मुरादाबाद पुलिस ने उड़ीसा से मुरादाबाद लाई जा रही 113 क्विंटल गांजे की बड़ी खेप बरामद की है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

मुरादाबाद

•

image

Mohd Danish

•

Updated: 28 Jan 2026, 8:44 PM IST

odisha moradabad cannabis bust

1700 किलोमीटर के सफर में नशे की भारी खेप पकड़ी गई | Image Video Grab

Odisha Moradabad Cannabis Bust: मेरठ एसटीएफ और मुरादाबाद पुलिस ने एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में उड़ीसा से मुरादाबाद लाई जा रही 113 क्विंटल गांजे की बड़ी खेप को जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह ऑपरेशन कई महीनों की जांच और खुफिया जानकारी के बाद सफल हुआ है।

ट्रक में छिपाई गई लकड़ियों के नीचे भारी मात्रा में गांजा

जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि उड़ीसा से एक ट्रक मुरादाबाद की ओर आ रहा है। ट्रक में लदी लकड़ियों के नीचे भारी मात्रा में गांजा छिपाया गया था। दिल्ली हाईवे पर बागड़पुर ओवरब्रिज के पास घेराबंदी कर पुलिस ने ट्रक को रोककर तलाशी ली। इस तलाशी में कुल 113 क्विंटल गांजा बरामद हुआ।

तीन तस्कर गिरफ्तार, मास्टरमाइंड अभी भी फरार

इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ट्रक मालिक राकेश (जटपुरा, थाना डिलारी), नन्हें (जटपुरा, थाना डिलारी) और आसिफ (कांकरखेड़ा, थाना डिलारी) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है, जबकि मुख्य मास्टरमाइंड अभी भी फरार है।

सफर में नहीं मिली तस्करों को कोई चुनौती

विशेष रूप से ध्यान देने वाली बात यह है कि उड़ीसा से मुरादाबाद तक का सफर लगभग 1700 किलोमीटर लंबा है। इस दौरान तस्करों ने कई राज्यों की सीमाएं पार कीं, दर्जनों टोल प्लाजा से गुजरते हुए कई ढाबों पर रुके, लेकिन किसी भी जगह चेकिंग नहीं हुई। यह बात सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर सवाल खड़ा करती है।

गांजा खरीद-बिक्री का खुलासा, प्रति किलो मुनाफा 3,000 रुपये

पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में मुख्य आरोपी राकेश ने कबूल किया कि वे उड़ीसा से 7,000 रुपये प्रति किलो दर से गांजा खरीदते थे और मुरादाबाद में इसे 10,000 रुपये प्रति किलो में बेचते थे। इससे पुलिस को तस्करों की आर्थिक संरचना और संचालन के तरीके का पता चला है।

बड़ी खेप पकड़ने के बाद उठ रहे सवाल

इस मामले ने न केवल पुलिस की उपलब्धियों को दिखाया है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और चेकिंग के तरीकों पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीली खेप 1700 किलोमीटर के लंबे सफर के बाद भी मुरादाबाद की सीमा तक कैसे पहुँच गई।