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अखिलेश और शिवपाल खेमा आया आमने-सामने, जिला अध्यक्ष ने दी ये धमकी

जिला अध्यक्ष हाजी इकराम कुरैशी ने धमकी देते हुए सपा के वरिष्ठ नेताओं के सामने रखी अपने बेवाक बात

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Rajkumar Pal

Sep 18, 2016

akhilesh yadav

akhilesh yadav

मुरादाबाद। सूबे की सत्ता पर काबिज सपा परिवार में जारी कलह ने अब सपाइयों को भी खेमे में बांटना शुरू कर दिया है। जिसमें अब स्थानीय नेता भी खुलकर या तो अखिलेश का समर्थन कर रहे हैं या शिवपाल का। चाचा-भतीजे के बीच जारी विवाद ने सपा में दो फाड़ होने की उम्मीदों को बल दे दिया है।

जबकि कुछ सपाई इससे किनारा कर डिप्लोमैटिक तरीके से इस पर सधी हुई टिप्पणी कर रहे हैं और सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह यादव को इस मसले से निपटने में सक्षम बता रहे हैं। लेकिन मुरादाबाद में इस तकरार को हवा खुद जिला अध्यक्ष हाजी इकराम कुरैशी ने दी है। जिन्होंने शनिवार को सपा के एक कार्यक्रम में शिवपाल को केंद्र की राजनीति में भेजने की सलाह देते हुए सूबे की कमान सीएम अखिलेश को पूरी तरह देने की वकालत कर डाली। जिला अध्यक्ष के इस बयान के बाद सपा की स्थानीय इकाई में भी दो फाड़ नजर आ रहे हैं और सपा के तमाम नेताओं ने हाजी इकराम कुरैशी के बयान से किनारा कर इसे गलत बताया है।

शिवपाल का जिला अध्यक्ष ने किया विरोध

दरअसल पंचायत भवन में समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी का मंडलीय सम्मलेन था। जिसमें नेताओं ने संगठन की मजबूती के साथ-साथ अपने अपने विचार रखें। लेकिन जब जिला अध्यक्ष हाजी इकराम कुरैशी ने सपा में मौजूदा रार पर अपनी राय जाहिर की तो उस पर विवाद हो गया। कुरैशी ने शिवपाल को केंद्र की राजनीति में भेजने और सूबे की कमान पूरी तरह मुख्यमंत्री अखिलेश को देने की बात कही। उन्होंने कहा की अगर अखिलेश पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नहीं रहेंगे तो हम भी जिला अध्यक्ष नहीं रहेंगे। इस बयान के बाद सपा के तमाम नेताओं ने मंच से जिला अध्यक्ष द्वारा इस तरह के बयान की निंदा की है।

टिकट बंटवारें में हो सकता है घमासान

वहीं सपा में जारी गुटबाजी की तब पटल पर आ गई, जब सपा के कई वरिष्ठ नेता और विधायक जिला अध्यक्ष के बयान के विरोध में आ गए और इस पर ऐतराज जताया। कुछ ने नाम न छापने की शर्त पर इसे जिला अध्यक्ष का बड़बोलापन बताया। फिलहाल सपा के भीतर जारी ये घमासान अब जिलों की राजनीति पर असर डालेगा ये तय है। जिसकी बानगी अब सतह पर भी देखने को मिलने लगी है। यही नहीं सबसे ज्यादा मारामारी टिकट वितरण के दौरान देखने की उम्मदी जताई जा रही है। क्योंकि सपा हाईकमान ने जनपद की छह विधानसभा सीटों में से सिर्फ एक कांठ विधानसभा पर ही अनिसुर्रहमान को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं मौजूदा विधायकों के विरोधी भी उनके खिलाफ लगातार शिकायतें आलाकमान से करके टिकट की जुगाड़ करते दिख रहे हैं।

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