मुरैना। जीवन हर पल परीक्षा लेती है। जरूरी नहीं कि आप जो कर रहे हैं, उसमें अव्वल ही रहें। कभी फेल भी हो सकते हैं, लेकिन मेहनत करेंगे तो सफलता मिलेगी ही। मैं जब 12वीं में फेल हो गया था तो गांव वाले मुझे ताने मारते थे।
जब मेहनत कर आइपीएस में चयनित हुआ तो वही लोग कंधे पर उठाकर घूम रहे थे। यह कहना है मुंबई में सीआइएसएफ के डीआइजी मनोज शर्मा का। उनके जीवन पर फिल्म ट्वेल्थ फेल बन रही है। यह फिल्म 27 अक्टूबर को रिलीज होगी।
प्रपोज तक नहीं कर पाए
शर्मा ने बताया, वे एक लड़की से प्रेम करते थे। यूपीएससी में असफल हुए तो प्रपोज नहीं कर सके। हालांकि, कुछ समय बाद प्रस्ताव रखा और जवाब हां में मिला। उनकी पत्नी श्रद्धा जोशी आइआरएस अधिकारी हैं। फिल्म में मोटिवेशनल स्पीकर विकास दिव्यकीर्ति भी अहम रोल में हैं। सहपाठी अनुराग पाठक ने जीवनी लिखी थी। निर्माता-निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा फिल्म बना रहे हैं।
चार वर्ष की यूपीएससी की तैयारी
मनोज ने बताया, कॉलेज के दौरान aही तय किया था कि आइपीएस बनना है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तैयारी शुरू की। चार वर्षों तक कड़ी मेहनत के बाद सफलता मिली। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। तब दिल्ली में होटल में नौकरी करता था। कभी टेम्पो चलाया तो फुटपाथ पर सोया। एक लाइब्रेरी में भी नौकरी की।
तानों से ही मिली प्रेरणा
मुरैना (बिलगांव) में जन्मे शर्मा ने बताया कि नौवीं व दसवीं तृतीय श्रेणी से पास की थी। 12वीं में तो फेल ही हो गया। तब लोगों के तानों ने ही प्रेरित किया, फिर मैंने मुरैना आकर प्रवेश लिया और 12वीं पास की।