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आतंकी हमले से निपटने के लिए 140 कमांडो करेंगे हाई-इंटेंसिटी मॉक ड्रिल

आतंकी हमलों से निपटने की तैयारियों को और मजबूत करने के लिए नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के कमांडो ग्वालियर में उतरेंगे। करीब 140 कमांडो 4 से 7 फरवरी तक चार रात लगातार हाई-इंटेंसिटी मॉक ड्रिल करेंगे।

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एनएसजी कमांडो

ग्वालियर. आतंकी हमलों से निपटने की तैयारियों को और मजबूत करने के लिए नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के कमांडो ग्वालियर में उतरेंगे। करीब 140 कमांडो 4 से 7 फरवरी तक चार रात लगातार हाई-इंटेंसिटी मॉक ड्रिल करेंगे। यह अभ्यास रात के समय महाराजपुरा एयरबेस, सेना छावनी और बीएसएफ अकादमी टेकनपुर में आयोजित किया जाएगा। इस मॉक ड्रिल में एनएसजी के साथ-साथ स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन, आपातकालीन सेवाएं, फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीमें भी शामिल होंगी। इसका उद्देश्य वास्तविक आपात स्थिति में सभी एजेंसियों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखना है।

सुरक्षा एजेंसियों के तालमेल की होगी परीक्षा

खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट और संभावित सुरक्षा खतरों की आशंका को देखते हुए एनएसजी देश के संवेदनशील शहरों में समय-समय पर इस तरह की मॉक ड्रिल आयोजित करती है। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य राज्य और स्थानीय एजेंसियों के बीच तालमेल की जांच करना और आतंकी हमले जैसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को और धार देना है।

आधी रात को होगा अभ्यास

बताया गया है कि एनएसजी अधिकारियों ने पहले ही जिला प्रशासन को पत्र लिखकर मॉक ड्रिल की जानकारी दे दी थी। उनकी नजर में ग्वालियर सामरिक, ऐतिहासिक और रणनीतिक ²ष्टि से इस तरह के अभ्यास के लिए उपयुक्त शहर है। इसी कारण यहां आधी रात के दौरान अभ्यास किया जाएगा, ताकि वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप सुरक्षा तंत्र की क्षमता को परखा जा सके।

पहले से मौजूद अधिकारी कर रहे तैयारी की समीक्षा

मॉक ड्रिल की तैयारियों का जायजा लेने के लिए एनएसजी के वरिष्ठ अधिकारी पहले ही ग्वालियर पहुंच चुके हैं। वे विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था, संसाधनों और एजेंसियों की तैयारियों का मूल्यांकन कर रहे हैं, ताकि अभ्यास के दौरान किसी तरह की कमी न रह जाए।