मुरैना

पहले बताया मां-बेटी स्वस्थ हैं, 15 मिनट में मिली मौत की खबर, रिश्वत के लिए जान से खेल गया अस्पताल!

mp news: मुरैना के सबलगढ़ हॉस्पिटल में गर्भवती की मौत पर परिजन का फूटा गुस्सा, डॉक्टर-स्टाफ पर FIR की मांग। परिजन का आरोप है कि अस्पताल ने उनसे 5000 रुपए की रिश्वत मांगी थी।

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May 16, 2025

demanded bribe: मध्य प्रदेश के मुरैना में स्थित सबलगढ़ सिविल हॉस्पिटल में गुरुवार की दोपहर प्रसव कराने आई एक गर्भवती की मौत हो गई। जिसको लेकर परिजन ने हंगामा कर दिया। मृतका के पति का आरोप है कि ड्यूटी डॉक्टर नेहा राजौरिया व नर्सिंग स्टाफ ने प्रसव से पहले 5 हजार रुपए मांगे। इसके कुछ ही देर बाद हमसे कहा कि महिला को मुरैना ले जाओ। इलाज में देरी से महिला की मौत हुई है। परिजन ने डॉक्टर्स की लापरवाही और एफआईआर की मांग को लेकर तीन घंटे तक हंगामा किया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने जैसे-तैसे समझा बुझाकर उन्हें थाने भेजा।

पहले बोला लड़की हुई है फिर 15 मिनट बाद दी मौत की सूचना

सपना शर्मा (24) पत्नी आकाश थापक टेंटरा को प्रसव के लिए परिजन दोपहर 12 बजे सिविल हॉस्पिटल सबलगढ़ लेकर आए। यहां मेटरनिटी में डॉ. नेहा राजौरिया ड्यूटी पर र्थी। सहायक स्टाफ नर्स गिरिजा रजक, हेमलता पाल, हौसला घोरमारे महिला को डिलेवरी रूम में ले गए। पति का आरोप है कि पहले मुझसे कहा गया कि आपकी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया है, जच्चा व बच्चा दोनों स्वस्थ है। 15 मिनट बाद मुझसे बाहर आकर नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि प्रसूता की मौत हो गई है।

नायब तहसीलदार ने समझाकर थाने भेजा

नायब तहसीलदार रजनी बघेल ने पूरे मामले से एसडीएम अरविंद माहौर को अवगत कराया। साथ ही परिजन को थाने में आवेदन देने के लिए भेजकर मामले को शांत कराया।

पति का आरोप, लापरवाही से गई जान

प्रसूता की मौत के बाद उसके परिजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉ. नेहा राजौरिया व नर्सिंग स्टाफ पर एफआईआर की मांग करते हुए हंगामा कर दिया। हंगामे के एक घंटे बाद नायब तहसीलदार रजनी बघेल को मौके पर आईं और उन्होंने आक्त्रसेशित परिजन से बातचीत की। मृतका के पति आकाश ने बताया कि जब डिलीवरी से पहले मुझसे नर्सिंग स्टाफ ने पांच हजार रुपए मांगे। रुपए नहीं देने पर हमसे कहा गया कि आपका रैफर पर्चा बना देते हैं, मुरैना ले जाओ। लेकिन रास्ते में डिलीवरी हो जाएगी, इसलिए आप यहीं प्रसव करवा लो। लापरवाही से मेरी पत्नी की जान गई है, इसलिए डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ पर एफआईआर हो।

बीपी बढ़ा हुआ था

मैं कोर्ट पेशी से अस्पताल लौटी, उस वक्त प्रसूता मेटरनिटी में थी। उसका बीपी बढ़ा हुआ था, इसलिए हमने उसे इंजेक्शन दिया। इसके तीन मिनट में ही वह कोलेप्स हो गई। पांच हजार रुपए मांगे जाने के आरोप बेबुनियाद हैं। डॉ. नेहा राजौरिया, सिविल हॉस्पिटल सबलगढ़

Published on:
16 May 2025 02:40 pm
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