
मुरैना. उप पंजीयन कार्यालय सबलगढ़ में उप पंजीयक द्वारा एक जमीन मालिक को परेशान करने का मामला प्रकाश में आया है। शिकायत है कि उनकी मांग पूरी नहीं की तो जमीन को स्लॉट बुक करने के बाद कार्यवाही पेडिंग कर दी और 16 दिन बाद जमीन का पंजीयन न करते हुए मामले को जिला पंजीयक को रेफर कर दिया।
जमीन के खरीददार शैलेंद्र गोयल ने उप पंजीयक रामेश्वर राठौड़ पर दो लाख की रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए जिला पंजीयक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत की है। शिकायत में कहा है कि उसकी जमीन की रजिस्ट्री रिश्वत नहीं देने के कारण रोक दी गई है। 4 फरवरी 2026 को जब जिला पंजीयक डॉक्टर दिनेश गौतम निरीक्षण करने के लिए उप पंजीयक कार्यालय सबलगढ़ भी गए। उनके द्वारा मामले की जांच की जा रही है। शिकायत यह है कि ग्राम पासौन खुर्द में एक जमीन की रजिस्ट्री को लेकर शैलेंद्र गोयल ने उप पंजीयक पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्होंने 0.032हेक्टेयर भूमि जिसका खसरा नंबर 251/2 है कि सुदामा खटीक नाम के व्यक्ति से खरीदी थी जिसका 16 जनवरी को स्लॉट बुक हो गया जो स्टाम्प ड्यूटी जमा हो गई गवाहों के हस्ताक्षर हो गए, केवल रजिस्ट्री के दस्तावेज मिलना रह गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उप पंजीयक ने 2 लाख रुपए की रिश्वत की मांग करते हुए निरीक्षण का हवाला देकर बुक हो चुके स्लॉट को होल्ड पर कर दिया और कारण बताया कि इसका अभी हमें जमीन का मौका निरीक्षण करना है इसके आसपास वाली जमीन की होने वाली रजिस्ट्रीयों का मूल्यांकन करना है उसके बाद रजिस्ट्री की जाएगी। लगातार 15 दिन तक शैलेेन््रद से डिमांड की गई, वह इनकार करता रहा और 16 दिन बीतने के बाद बुक किए हुए स्लॉट को को जिला पंजीयक कार्यालय में रेफर कर दिया है।
सब रजिस्टार रामेश्वर राठौड़ पर जब वह विजयपुर में उप पंजीयक के पद पर पदस्थ थे तब गंभीर आरोपो में उनके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने उप पंजीय सहित तीन अन्य लोगों के बीएनएस की धारा 318 ( 2), 318 (3), 318 (4),319(2 ),एवं 61 के तहत अपराध दर्ज है। वहीं क्षेत्रीय विधायक सरला रावत ने भी उप पंजीयक रामेश्वर राठौड़ की कार्यप्रणाली को लेकर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा से शिकायत की जा चुकी है। उन्होंने भी इनको सबलगढ़ से हटाकर कहीं अन्य पदस्थ करने की मांग की जिस पर इनका ट्रांसफर हुआ था लेकिन बाद में पुन: सबलगढ़ में ही वापस आ गए।
स्टॉट बुक होने के बाद हमने मौका मुआयना किया तो जिस जमीन की रजिस्ट्री करानी थी, वह कृषि योग्य भूमि बताई गई जबकि उस जमीन पर दुकान बनी हैं, इस लिहाज से आठ लाख स्टांप की ड्यूटी चोरी की गई है, इसलिए हमने मामले को जिला पंजीयक कार्यालय रेफर कर दिया है।
उप पंजीयक ने शैलेन्द्र गोयल की जमीन की रजिस्ट्री का मामला भेजा है। उसमें स्टांप ड्यूटी कम लगाई गई है, मामले की जांच कर रहे हैं। उसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
Published on:
12 Feb 2026 11:55 am
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