संघर्ष से सफलता : हादसे के बाद पैर में डली रॉड, डॉक्टर ने कहा था-कभी नहीं खेल सकेगा, वर्ल्ड बैंचप्रेस चैंपियनशिप में लहराया तिरंगा, दक्षिण अफ्रीका में जगमगाया मुरैना का कुलदीप, जीत लाया सिल्वर, पिता और कोच ने बढ़ाया हौसला
मुरैना. एमपी के मुरैना के कुलदीप दंडोतिया ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 19 साल के कुलदीप ने पॉवर लिफ्टिंग की वर्ल्ड बेंचप्रेस चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है। दक्षिण अफ्रीका में 26 मई को कुलदीप ने ये मेडल जीता। खास बात यह है कि हादसे में उनके पैर की हड्डी टूट गई थी और इसके बाद रॉड डाली गई। मना करने के बाद भी वे दक्षिण अफ्रीका गए और वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीत लिया।
नेशनल में सिल्वर व ब्रॉंज, स्टेट में 4 गोल्ड
इंटरनेशनल चैंपियनशिप में भारत का नाम रोशन करने वाले कुलदीप 19 साल की उम्र में नेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर व ब्रॉंज मेडल जीत चुके हैं। स्टेट लेवल चैंपियनशिप में चार स्वर्ण जीत चुके हैं।
कुलदीप के पावर लिफ्टर बनने की कहानी मोटापे से शुरू हुई थी। वे मोटापा कम करने जिम गए थे। यहीं कोच से प्रभावित हुए। खास बात यह है कि एक साल पहले तक कुलदीप की जिंदगी निराशा में डूबी थी। मुरैना जिले के देवरी के कुलदीप ने बताया, 4 साल पहले इसी चैंपियनशिप का सपना संजोकर मेहनत शुरू की लेकिन 16 मई 2022 में हुए सड़क हादसे ने जिंदगी बेपटरी कर दी।
चकनाचूर हो गई पैर की हड्डी
कुलदीप उस भयंकर हादसे को याद करके आज भी सिहर जाते हैं। उन्होंने बताया, वो सड़क हादसा इतना भयंकर था कि मेरे पैर की हड्डी चकनाचूर हो गई थी। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर जांघ में रॉड डाल दी। मुझे छह महीने बेड पर गुजारने पड़े। डॉक्टर ने साफ कह दिया कि अब तुम कभी नहीं खेल सकोगे। मुझे वर्ल्ड चैंपियनशिप का सपना टूटता दिख रहा था, समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करूं। ये मुश्किल वक्त था और मैं हिम्मत हारने लगा था।
उस मुश्किल वक्त में कुलदीप का हौसला उनके पिता बृजराज दंडोतिया और कोच उदय शर्मा ने बढ़ाया। पिता और कोच ने जब मेरी हौसला अफजाई की तो मैंने दोबारा हिम्मत जुटाकर प्रैक्टिस शुरू की। शुरुआत में थोड़ी दिक्कत जरूर आई, लेकिन वर्ल्ड चैंपियनशिप खेलने का जुनून ऐसा था कि पैर का दर्द महसूस ही नहीं हुआ। आखिरकार शुक्रवार को मुझे मेरी मंजिल मिल ही गई।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने दी बधाई
दक्षिण अफ्रीका में कुलदीप के रजत पदक जीतने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर बधाई दी। उन्होंने लिखा, यह विजय आपके परिश्रम का सुफल है। आप ऐसे ही सफलता के पथ पर बढ़ते हुए प्रदेश और देश को गौरवान्वित करते रहें।