
मुरैना. गुना से आगरा जा रहे आलू व्यापारी से 25 लाख रुपए की लूट की वारदात करीब १४ घंटे बाद पुलिस ने झूठी बताई। पुलिस दिनभर की जांच के बाद देर शाम निष्कर्ष पर पहुंची गुना से किराए की कार लेकर जो तीन लोग आगरा जा रहे थे वे आलू कारोबारी नहीं थे। इनके तार साइबर फ्रॉड से जुड़े हुए है। पुलिस की यह बात इसलिए भी पुष्ट हुई क्योंकि इनके पास 17 एटीएम और एक व्यक्ति साइबर फ्राड का आरोपी निकला। फिर भी सुबह से शाम तक जांच के नाम पर पुलिस इन तीनों को मीडिया से दूर रखे रही।
आगरा के न्यू आगरा थाना क्षेत्र निवासी अमन (29) पुत्र लाखन ङ्क्षसह चौधरी ने पुलिस को लूट की जो कहानी बताई उसके मुताबिक वह अपने मुनीम बंटी किरार के साथ किराए की कार से गुना से आगरा जा रहा था। कार को ड्राइवर हर्ष धाकड़ चला रहा था। 21-22 जनवरी की दरम्यानी रात करीब 2.30 बजे मुरैना के सेलटैक्स बैरियर से आगे आगरा की तरफ जाने वाले हाईवे पर एक सफेद रंग की कार ने ओवरअटैक कर आलू व्यापारी अमन की कार को रुकवाया। इसके बाद कार से उतरे 5-6 बदमाशों ने चालक की आंखों में मिर्ची झोंक दी और मारपीट की। व्यापारी को पिस्टल अड़ाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने बैग में रखे 25 लाख रुपए नकद, फरियादी के दो मोबाइल, मुनीम और ड्राइवर के मोबाइल फोन, साथ ही जरूरी कागजात लूट लिए और मौके से फरार हो गए। शाम को पुलिस ने उक्त मामले को फर्जी बताया। पुलिस का कहना था कि इन सभी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
बंटी किरार निवासी गुना 2024 में साइबर फ्रॉड मामले में बनारस में 14 माह की सजा भी काट चुका है। इसलिए साइबर फ्रॉड का मामला होने को लेकर पुलिस गहराई से जांच कर रही है। उधर पुलिस अधिकारियों का कहना हैं कि कार में मिली सामंग्री की साइबर जांच की जा रही है। कार में मिले मोबाइल व एटीएम से यह पता किया जा रहा है कि ये मोबाइल व एटीएम किसके हैं और इनका क्या उपयोग हुआ है। इस जांच में दो दिन का समय लग सकता है, उसके बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी।
सख्ती से पूछताछ और जांच उपरांत पता चला है कि अमन चौधरी व उसका साथी बंटी किरार आलू का कोई कारोबार नहीं करते। इनके द्वारा लूट की जो कहानी बनाई है, वह झूठी है। इनकी गाड़ी में मिर्ची के पैकेट का जो रैपर मिला है,वह गुना का ही है, इसलिए घटना सोची समझी कहानी का हिस्सा है। कार में चार मोबाइल व 17 एटीएम अलग-अलग नाम से मिले हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि ये मामला साइबर फ्रॉड से जुड़ा हुआ है। इनके साथ और भी लोग हो सकते हैं। ये साइबर फ्रॉड का पैसा किसी और को न देना पड़ा इसलिए इन्होंने लूट की झूठी कहानी बनाई है। फरियादी व उसके साथी से और पूछताछ की जा रही है।
लूट मामले की जांच में पाया है कि अमन व उसके साथी बंटी किरार आलू कारोबार ही नहीं करते। ये साइबर फ्रॉड से जुड़ा हुआ मामला है। बंटी किरार साइबर फ्रॉड में जेल भी काट चुका है। इन दोनों ने जो लूट की कहानी बनाई, वह झूठी निकली है।
सुरेन्द्रपाल सिंह डावर, एडिशनल एसपी मुरैना
Published on:
23 Jan 2026 05:31 pm
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