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घूमर: पहले फ्रेम से लेकर आखिरी तक अभिषेक बच्चन बने फिल्म के स्टार

Abhishek Bachchan Film Ghoomer Review: फिल्म घूमर में इंसानों की उस कभी न ख़त्म होने वाली भावना के बारे में बताया गया हैं जो किसी भी चीज़ के लिए नहीं रुक सकता और अपने सपनों को हासिल करने के लिए किसी भी असंभव चीज़ से लड़ता है।

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डायरेक्टर: आर.बाल्की
कास्ट : अभिषेक बच्चन, सैयामी खेर, अंगद बेदी , शबाना आज़मी
स्टार्स: 4/5
ड्यूरेशन : 2 घंटे 15 मिनट

घूमर फिल्म के प्रोमो ने हमे इसकी कहानी का सार बता दिया था तो हम सबको मालूम था की यह मानवीय भावनाओं की कहानी है। खेल और ट्रेजेडी एक खिलाडी के जीवन का अभिन्न अंग होता है लेकिन अगर यह ट्रेजेडी इतनी बड़ी हो जाए जिस से वह खिलाडी उभर न पाए ? आर बाल्की की कहानी घूमर इसी भावना को दर्शाती है।

घूमर कहानी है अनिनी (सैयामी खेर) एक महिला बल्लेबाज की जो टीम इंडिया में अपनी जगह बनानी चाहती है। उसको टीम में जगह भी मिल जाती है लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर होता है और उसका एक बहुत बड़ा एक्सीडेंट हो जाता है जिसमे वह अपना दांया हाथ खो देती है।ऐसी जिंदगी से निराश और तंग आकर, अनिनी मरना चाहती है, लेकिन उसके जन्मदिन पर पैडी (अभिषेक बच्चन) एक पूर्व क्रिकेटर जो अब शराब के नशे में पूरी तरह से डूब चुका है , उससे मिलने आता है और उसे आशा की एक नयी किरण दिखता है। वह उसको बल्लेबाजी छोड़कर बाएं हाथ का गेंदबाज बनने की प्रेरणा देता है।

फिल्म घूमर में इंसानों की उस कभी न ख़त्म होने वाली भावना के बारे में बताया गया हैं जो किसी भी चीज़ के लिए नहीं रुक सकता और अपने सपनों को हासिल करने के लिए किसी भी असंभव चीज़ से लड़ता है।

पूरी फिल्म में अभिषेक शानदार हैं।उन्होंने एक ऐसा प्रदर्शन दिया है जो हमेशा याद रखा जाएगा। यह उनके करियर का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। पहले फ्रेम से लेकर आखिरी फ्रेम तक आप उनकी अदाकारी के दीवाने हो जाओगे। उन्होंने साबित कर दिया है कि वह अपनी कला को बखूबी जानते हैं और एक अच्छी कहानी के साथ वह कमाल दिखा सकते हैं।

सैयामी खेर क्रिकेट को इतना जानती हैं जितना कोई बॉलीवुड अभिनेत्री नहीं जानती होगी।इस वजह से उन्हें यहाँ मदद मिली और उन्होंने अपनी परफॉरमेंस में जी जान लगा दी है। सैयामी के बॉयफ्रेंड के रूप में अंगद बेदी अपनी सीमित स्क्रीन प्रस्तुति के बावजूद वास्तव में हमारे चेहरे पर मुस्कान लाने में कामयाब रहे। शबाना आज़मी फिल्म में अपनी जानदार परफॉरमेंस से चार चाँद लगाती है।

आर बाल्की की फिल्म हो और उसमे अमिताभ बच्चन न हो ऐसा नहीं हो सकता। यहाँ उनका कैमियो है जो कि बहुत ही शानदार है। वह एक कमेंटेटर के रूप में नजर आ रहे है और आपके चेहरे पर मुस्कान लेकर आएंगे। जब कुछ अलग और विचारोत्तेजक बनाने की बात आती है तो आर बाल्की अपने दर्शकों को आश्चर्यचकित करना कभी नहीं छोड़ते।

फिल्म का स्क्रीनप्ले काफी सशक्त है। अमित त्रिवेदी का म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर पूरी तरह से फिल्म के अनुरूप है। यह फिल्म बाल्की का एक ईमानदार प्रयास है जिसे बेहतरीन अभिनय और मजबूत भावनाएं सुपरहिट बनाते है।