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टीचर्स के संघर्ष की कहानी ‘चॉक एन डस्टर’

फिल्म 'चॉक एन डस्टर' की कहानी शिक्षा के व्यवसायीकरण के इस दौर में टीचर्स की जिंदगी पर आधारित है, जिसमें उनको अपनी योग्यता साबित करते हुए दिखाया है

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Sunil Sharma

Jan 16, 2016

chalk and duster movie review

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फिल्म 'चॉक एन डस्टर' के टाइटल से ही जाहिर होता है कि यह फिल्म एजुकेशन से संबंधित है। इसकी कहानी शिक्षा के व्यवसायीकरण के इस दौर में टीचर्स की जिंदगी पर आधारित है, जिसमें उनको अपनी योग्यता साबित करते हुए दिखाया है। निर्देशक जयंत गिलाटर ने सब्जेक्ट तो अच्छा लिया है, पर उसको ढंग से एग्जीक्यूट नहीं कर पाए। इसीलिए फिल्म उतनी असरदार नहीं लगती, जितनी उम्मीद की जा रही थी। कहानी कांताबेन हाई स्कूल के टीचर्स के इर्द-गिर्द घूमती है।

स्कूल में सुपरवाइजर कामिनी गुप्ता (दिव्या दत्ता) को प्रिंसिपल बना दिया जाता है। उसके प्रिंसिपल बनते ही स्टोरी में कई ट्विस्ट आने लगते हैं। अपनी महत्वाकांक्षाओं के चलते कामिनी पहले बच्चों की फीस बढ़ा देती है, फिर मैथ्स की सीनियर टीचर विद्या सावंत (शबाना आजमी) को यह कारण बताकर टर्मिनेट कर देती है कि उनका पढ़ाने का ढंग पुराना हो चुका है, जो आज के एजुकेशन सिस्टम में फिट नहीं बैठता। इस बात पर विद्या को हार्ट अटैक आ जाता है। इसके बाद कामिनी साइंस टीचर ज्योति (जूही चावला) को भी निकाल देती है। फिर शुरू होता है टीचर्स का खुद को साबित करने का संघर्ष।

फिल्म के जरिए इस सवाल को उठाया गया है कि हमारे शास्त्रों में तो गुरु को भगवान से बढ़कर बताया गया है। वे स्टूडेंट्स की जिंदगी संवारने में अहम भूमिका निभाते हैं तो क्या मौजूदा दौर में टीचर्स सम्मान और सुविधाओं के हकदार नहीं हैं। फिल्म में टीचर और स्टूडेंट्स के रिश्ते के जरिए भावनाओं को छूने की भी कोशिश की है। फिल्म उन टीचर्स को डेडिकेट है, जिनके लिए टीचिंग आज भी नोबल प्रोफेशन है।

शबाना और जूही ने टीचर के किरदार में अपने अभिनय से छाप छोड़ी है, वहीं नेगेटिव रोल में दिव्या भी मौजूदगी दर्ज करवाती हैं। जैकी श्रॉफ, ऋचा चड्ढा और ऋषि कपूर कैमियो में हैं। ऋषि इम्प्रेसिव लगे हैं। क्विज शो के होस्ट के तौर पर उनका काम सराहनीय है।

राइटिंग और डायरेक्शन लेवल पर फिल्म और बेहतर हो सकती थी, हालांकि धीमी गति से बढ़ती फिल्म में कुछ सीक्वेंस ऐसे हैं, जो सोच में डाल देते हैं और इसी दौरान आपको अपने टीचर भी याद आने लगते हैं। बैकग्राउंड स्कोर बेअसर है। फिल्म इतनी मजेदार नहीं है, लेकिन फिर भी शबाना, जूही और दिव्या के अभिनय के लिए इस डिफरेंट सब्जेक्ट वाली फिल्म को देखा जा सकता है।

स्टार कास्ट : शबाना आजमी, जूही चावला, दिव्या दत्ता, जैकी श्रॉफ, ऋचा चड्ढा, ऋषि कपूर, आर्य बब्बर, समीर सोनी
डायरेक्टर : जयंत गिलाटर राइटर : रंजीव-नीतू
म्यूजिक : संदेश शांडिल्य

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