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MOVIE REVIEW: शाहरुख के शक्ल में एक क्रेजी फैन की रोचक दास्तां

शाहरुख खान ने फैन से एक बार फिर साबित कर दिखाया है कि क्रेजी कैरेक्टर में उनका कोई सानी नहीं...

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Dilip Chaturvedi

Apr 15, 2016

shahrukh khan

shahrukh khan

मुंबई। अभिनेता शाहरुख खान के फैंस का इंतजार खत्म हुआ। फिल्म फैन रिलीज हो चुकी है। इसमें कोई दोराय नहीं कि शाहरुख का पागलपन वाला अभिनय उनके फैन को खूब भाता है। चाहे डर हो अंजाम हो या फिर बाजीगर... ये ब्लॉकबस्टर फिल्में हैं, लेकिन शाहरुख का इन फिल्मों में कैरेक्टर कैसा था, इससे सभी वाकिफ होंगे। एक बार फिर शाहरुख ने इन फिल्मों की यादें ताजा कर दी है। बस, अंतर है तो सिर्फ इतना कि यह फिल्म शाहरुख के असल जिंदगी से प्रेरित है और दोहरी भूमिका है...दोनों में वे खूब जमे हैं। उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिखाया है कि एक क्रेजी प्रेमी की भूमिका को वो जितनी शिद्दत के साथ निभा सकते हैं, वैसा कोई और नहीं कर सकता।

जहां तक फैन की बात है, तो इसमें शाहरुख खुद पर भारी पड़े हैं। उनके सामने दोहरी चुनौती थी। एक कैरेक्टर ग्रे है, तो दूसरा हीरो वाला...। हीरो से कहीं ज्यादा वो अपने ग्रे कैरेक्टर यानी फैन के रूप में जमे हैं। फिल्म रिलीज होने से पहले कयास लगाए जा रहे थे कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छी नहीं जाएगी, लेकिन जिस तरह से फिल्म शुरू से लेकर आखिर तक बांधे रखती है, उसके आधार पर कह सकते हैं कि यह एक बेहतरीन मनोरंजक फिल्म है। फिल्म की पटकथा, निर्देशन और एडिटिंग इतनी जबरदस्त है कि फिल्म कहीं भी बोर नहीं करती। हर अगला सीन सवाल खड़ा करता है कि अब क्या होगा? इंटरवेल कब आ जाता है, पता ही नहीं चलता...।

कहानी...
इस फिल्म की पृष्ठभूमि में है एक सुपरस्टार और उसका एक ऐसा फैन, जो खुद को सबसे बड़ा फैन मानता है। फैन अपने सुपरस्टार के ज्न्मदिन पर उससे मिलने की योजना बनाता है। फैंन की दीवानगी भी अजीब होती है। अपने चहेते स्टार की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते हैं। ऐसा ही गौरव चानना (फैन)। वह आर्यन खन्ना (सुपरस्टार) का सबसे बड़ा फैन है। फैन होना उसका हक है और कोई गुनाह भी नहीं। किसी का प्रशंसक होना अच्छी बात है। किसी को अपना आदर्श मानना अच्छी बात है, लेकिन बात तब बिगड़ जाती है, जब गौरव अपने हक को जताने की कोशिश करने में अपनी लक्ष्मण रेखा यानि लिमिट क्रॉस कर देता है। जब एक फैन अपना हक जबदरस्ती जताए, तो सुपरस्टार क्या करता है और क्या कर सकता है, यही फैन की पृष्ठभूमि है। फिल्म में इस बात को बखूबी दर्शाया गया है कि एक फैन अपनी हदें किस तरह से लांघता है और उसके बाद फिर शाहरुख खान यानी आर्यन खन्ना को खुद को उससे बचाव में क्या क्या करना पड़ता है? कैसेी-कैसी परिस्थियों से गुजरना पड़ता है? यही फिल्म का दिलचस्प पहलू है।

अभिनय...
फिल्म में शाहरुख खान की दोहरी भूमिका में कमाल का अभिनय किया है। एक तरफ वह फैन के किरदार में भी खूब फबे हैं, तो दूसरी तरफ आर्यन खन्ना यानी खुद की भूमिका को बखूबी जिया है। फिल्म में यह देखना दिलचस्प है कि शाहरुख खुद शाहरुख के वजूद को बचाने के लिए लड़ते और जद्दोजहद करते दिखाई देते हैं। एक तरफ फैन की भूमिका में जहां शाहरुख पागपलन से भरे हुए दिखाई देते हैं, तो दूसरी तरफ आर्यन खन्ना की भूमिका में वह साधारण नजर आए हैं। फिल्म पूरी तरह शाहरुख के ईर्द-गिर्द घूमती है। वलूशा डीसूजा और श्रेया पिलगांवकर ने भी अच्छी अदाकारी है। दोनों ने फिल्म में अपने किरदार को बखूबी निभाया है।

निर्देशन...
निर्देशन की बात करे, तो डायरेक्टर मनीष शर्मा ने अपने डायरेक्शन में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। कुछ जगहों पर ऐसा लगता है कि फिल्म की कहानी की स्पीड धीमी हो रही है, लेकिन वहां मनीष का कौशल साफ दिखता है। फिल्म की पटकथा, पेस और निर्देशन का तालमेल बेहतरीन है। इस फिल्म में ज्यादा गाने नहीं है। लेकिन जबरा...जबरा वाला गानापहले ही हिट हो चुका है।
क्यों देखें...

हालांकि फिल्म की लंबाई ज्यादा है, लेकिन शाहरुख के फैंस को इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिलेगा। इसमें जरा भी संदेह नहीं कि फिल्म शाहरुख के फैंस के लिए बनाई गई...लेकिन जो लीक से हटकर फिल्म देखना पसंद करते है, वह भी फैन देख सकते हैं...क्योंकि फिल्म रोमांच औरमनोरंजन की कसौटी पर पूरी तरह खरी उतरती है।

रेटिंग 3.5/5

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