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मूवी रिव्यू : डांस और एक्शन बेस्ड फिल्म है ‘मुन्ना माइकल’

मूवी रिव्यू : डांस और एक्शन का भरपूर डोज है मुन्ना माइकल........

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Bhup Singh

Jul 21, 2017

Munna Michael Movie Review

Munna Michael Movie Review

डायरेक्शन : साबिर खान
स्टार कास्ट :टाइगर श्रॉफ, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, निधि अग्रवाल, रोनित रॉय, पंकज त्रिपाठी
म्यूजिक : मीत ब्रदर्स, तनिष्क बागची, प्रणय, विशाल मिश्रा, जावेद-मोहसिन, गौरव-रोशिन
रेटिंग :
2 स्टार

निर्देशक साबिर खान की फिल्म 'हीरोपंती' से टाइगर श्रॉफ ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद टाइगर ने उनके साथ 'बागी' में काम किया। ये दोनों फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक कमाई करने में कामयाब रही। अब 'मुन्ना माइकल' के साथ दोनों तीसरी बार साथ आए हैं, लेकिन फिल्म देखकर ऐसा लगता है कि साबिर सिर्फ टाइगर के डांस और एक्शन टैलेंट को भुनाना चाहते हैं। फिल्म में मंझे हुए एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी हैं, लेकिन फिल्म की कहानी में नयापन नहीं है, जिससे 'मुन्ना...' एक मनोरंजक पेशकश के रूप में सामने नहीं आ पाई।

स्क्रिप्ट

कहानी मुम्बई के मुन्ना माइकल (टाइगर श्रॉफ) की है, जिसे बैक डांसर के तौर पर काम करने वाले माइकल (रोनित रॉय) ने शिशु अवस्था में कूड़े के बीच से उठाया था। मुन्ना को भी डांस का शौक है और वह क्लबों में डांस परफॉर्मेंस की शर्त लगाकर लोगों से पैसे जीतता रहता है। लेकिन माइकल उसे डांस की बजाय किसी कॉरपोरेट फील्ड में जॉब करने के लिए कहता रहता है, क्योंकि माइकल को उम्रदराज होने पर बैक डांसर के काम से हाथ धोना पड़ा था। मुन्ना की मुम्बई के क्लबों में एंट्री बंद हो जाती है तो वह दिल्ली आ जाता है, जहां उसकी मुलाकात गैंगस्टर महिन्दर फौजी (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) से होती है। महिन्दर मुन्ना से उसे डांस सिखाने के लिए कहता है ताकि वह क्लब डांसर डॉली (निधि अग्रवाल) को इम्प्रेस कर सके और उससे अपने प्यार का इजहार कर सके। वहीं, निधि का सपना है कि वह एक डांस शो जीतकर खुद को बेहतरीन डांसर साबित करे। इधर, मुन्ना और डॉली को एक-दूसरे से प्यार हो जाता है, जिससे लव टाइएंगल की स्थिति बन जाती है।

एक्टिंग
हर फिल्म के साथ टाइगर अपनी एक्टिंग में सुधार कर रहे हैं। डांस और एक्शन तो उनका प्लस पॉइंट है ही। इस फिल्म में भी वह डांस व एक्शन के अंदाज से इम्प्रेस करते हैं। संजीदा किस्म की भूमिका निभाने वाले नवाज यहां डांस करते नजर आए हैं। साथ ही अपने कॉमिक अंदाज से गुदगुदाते हैं। पहली फिल्म में खूबसूरत निधि ने सहज अभिनय किया है। पंकज त्रिपाठी ने यहां खुद की प्रतिभा को जाया किया है।

डायरेक्शन

साबिर का डायरेक्शन ठीक है। लेकिन फिल्म की कमजोर कहानी इसे बोरिंग बना देती है। कहानी में ट्विस्ट्स और ट्रन्स की कमी खलती है। एक-दो डायलॉग ही इम्प्रेसिव हैं। यह फिल्म से ज्यादा एक डांस शो लगती है, जिसमें हर 10 से 14 मिनट के अंतराल में कोई गाना आ जाता है, जिसमें कलाकार थिरकते नजर आते हैं। संगीत भी औसत है। 'मैं हूं', 'स्वैग' और 'डिंग डांग' सॉन्ग्स ही कुछ ठीक हैं। सिनेमैटोग्राफी ठीक है, लेकिन एडिटिंग की गुंजाइश है।

फिल्म में नवाज के डांसिंग मूव्स इंटरेस्टिंग हैं, जिन्हें देखकर हंसी आती है। टाइगर टाइपकास्ट हो चले हैं, वह हर फिल्म में अपना डिफरेंट स्टाइल डांस और एक्शन सीक्वेंस करते ही नजर आते हैं। हालांकि फिल्म में नवाज और टाइगर, दोनों का काम अच्छा है, लेकिन कहानी ऐसी नहीं है, जो दर्शकों को बांध कर रख सके और दोनों कलाकारों की प्रतिभा के साथ न्याय कर सके। वहीं, क्लाइमैक्स भी दमदार नहीं है। फिल्म में टाइगर बार-बार एक डायलॉग दोहराते हैं, 'मुन्ना झगड़ा नहीं करता, मुन्ना सिर्फ पीटता है।' इसी तर्ज पर फिल्म को मनोरंजन की कसौटी पर परखें तो यह कह सकते हैं कि ''मुन्ना...' कम्प्लीट एंटरटेन नहीं करता, सिर्फ डांस और एक्शन करता है।' ऐसे में अगर आप टाइगर और नवाज के फैन हैं तो ही फिल्म देखने जाएं।