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The Archies Review: शाहरुख खान की बेटी से अधिक कलाकार निकला अमिताभ का नाती, जानें श्रीदेवी की बेटी का हाल?

The Archies Review: सुहाना खान, अगस्त्य नंदा, और खुशी कपूर की डेब्यू फिल्म "द आर्चीज" कैसी है? पढ़िए पत्रिका का रिव्यु…

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द आर्चीज रिव्यू

The Archies Review: शाहरुख खान की बेटी सुहाना, अमिताभ बच्चन का नाती अगस्तय नंदा, श्रीदेवी की बेटी खुशी ने फिल्म द आर्चीज से बॉलीवुड में डेब्यू किया है। सुहाना खान ने अपनी एक्टिंग से लोगों को दीवाना बना दिया है। अगस्तय नंदा ने अपनी एक्टिंग से लोगों को कायल किया है। वहीं खुशी कपूर ने श्रीदेवी और बोनी कपूर के नाम को ऊंचा किया है। पत्रिका इस फिल्म को 5 में से 3 स्टार देता है। जोया अख्तर के डायरेक्शन में बनी फिल्म कैसी है? पढ़िए पत्रिका का रिव्यु…

कहानी: यह कहानी Archies Comics के पात्रों से प्रेरित है, जो riverdelle नामक एक छोटे से शहर में बसी है। यहां के 9 हजार लोगों के बीच एक स्थान है जिसे "द ग्रीन पार्क" कहा जाता है, लेकिन कुछ कॉर्पोरेट कंपनियां इस पार्क को तोड़कर एक होटल बनाने का इरादा रखती हैं। यहां के युवा उन्हें रोकने के लिए मिलते हैं। कहानी साधारण है, लेकिन उसने दिखाया है कि कैसे एक सामान्य सी कहानी भी दिलचस्पी से प्रस्तुत की जा सकती है।


कैसी है फिल्म: यह फिल्म पूरी तरह से नई है। इसमें 60 के दशक की सेटिंग और किरदार हैं। जब फिल्म शुरू होती है, तो लगता है कि इसमें कुछ विशेष नहीं होगा। लेकिन धीरे-धीरे फिल्म में रूचि बढ़ती है। अच्छे संगीत के साथ फिल्म आगे बढ़ती है और आप कहानी से जुड़ते जाते हैं। कहानी के किरदार आपके दिल को छू जाते हैं और आप उनकी भावनाओं को महसूस करते हैं। आप इन युवाओं से जुड़ते हैं और उनके मिशन में शामिल हो जाते हैं। यह फिल्म आपको एक नए सफर पर ले जाती है और आप उसे आनंद करते हैं। फिल्म में यह नहीं है कि शाहरुख़ की बेटी हैं, इसलिए अन्य कलाकारों को कम स्थान मिला है या अमिताभ के नाती हैं, इसलिए अन्य अभिनेताओं के सीन काट दिए गए हैं। सभी को उनकी उचित जगह मिली है और प्रत्येक किरदार पूरी तरह से उभरता है।

एक्टिंग: इस फिल्म के कलाकार दर्शकों को पूरी तरह से प्रभावित कर रहे हैं। अगस्तय नंदा का किरदार ऐसे लड़के का चित्रण किया है, जो हर लड़की के साथ प्यार में पड़ जाता है, लेकिन उसका किरदार घटिया नहीं, बल्कि प्यारा और आकर्षक दिखता है। उन्होंने अपने किरदार को शानदार निभाया है। दर्शकों को यह दिखाया है कि उनमें अमिताभ के परिवार का वारिस होने का गर्व है और अभिनय उनके खून में है। सुहाना खान ने अपनी एक्टिंग में विशेषज्ञता दिखाई है। उनका किरदार उनके अलग-अलग अवतार और एटीट्यूड के साथ सुस्त नहीं लगता है। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करके दिखाया है। वह शाहरुख़ खान की बेटी होने के बावजूद अपनी एक्टिंग कौशल से नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं। खुशी कपूर ने अपने किरदार को बहुत बढ़िया तरीके से निभाया है, जो अगस्तय से प्यार करती है, लेकिन उसका प्यार दिखाने का तरीका अनूठा है। उनका अभिनय दर्शकों को खींचता है और उन्होंने इमोशनल सीन्स को बहुत ही सटीकता से निभाया है। वैदांग रैना ने भी अगस्तय के किरदार को बहुत ही अच्छे तरीके से बखूबी निभाया है, जिससे उनकी व्यक्तिगतता में दम है और उनकी एक्टिंग में विशेषता है। अदिति सेगल, मिहिर आहूजा, युवराज मेंदा, और इस फिल्म में और कई कलाकारों ने भी अपने किरदारों में निखार और नई ऊँचाइयों को छूने की कला दिखाई है। सभी कलाकारों ने अपनी उच्च-गुणवत्ता वाली एक्टिंग से फिल्म को और भी रोचक बना दिया है।

डायरेक्शन: जोया अख्तर एक प्रशंसनीय निर्देशक हैं। उनकी फिल्में जो उनकी दृष्टिकोण और कला को खास प्रकट करती हैं। ‘द आर्चीज’ को उन्होंने अलग मायने में को प्रस्तुत किया है। उनकी तारीफों में से एक बड़ी बात यह है कि वह एक कहानी को कविता की भावना के साथ रचती हैं, जिससे दर्शकों का दिल छू जाता है। तीन बड़े स्टार किड्स को लॉन्च करने का दबाव किसी और को नहीं समझा जा सकता, लेकिन जोया अख्तर ने इस प्रेशर को खुशनुमा अंदाज में बदला है। उन्होंने इन स्टार्स को एक नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने के लिए एक बेहद कुशल दिखाया है और इस सफलता में उनकी कला और निर्देशन क्षमता का बड़ा हिस्सा है।

संगीत: फिल्म का संगीत शंकर एहसान लॉय का है, जो बहुत ही अच्छा है। इससे फिल्म को एक अलग माहौल मिलता है और गानों को सुनकर दर्शकों को मजा आता है।

कमी: फिल्म में किरदारों के नाम अंग्रेजी में होने के कारण थोड़ी कमी महसूस होती है। यहां पर थोड़ा सा कन्फ्यूजन भी हो सकता है, क्योंकि ये आर्चीज कॉमिक्स पर आधारित है। सभी कलाकार नए हैं, इसलिए उन्हें पहचानना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन धीरे-धीरे ये किरदार दर्शकों के साथ कनेक्ट करते हैं। कहानी को मुद्दों पर आने में थोड़ा समय लगता है और इसे थोड़ा सा कम किया जा सकता था। इसके बावजूद, फिल्म को एक अच्छी फिल्म माना जा सकता है और नेटफ्लिक्स पर रिलीज करना एक बड़ा कदम है, क्योंकि थिएटर में इसका सफलता मिलना संभावना नहीं थी, लेकिन ऑटीटी प्लेटफ़ॉर्म पर यह अधिक दर्शकों तक पहुंच सकती है।