शिवमंत्र में दिव्य शक्ति है, श्रद्धा भाव से इस मंत्र के जाप से मनोवांछित फल की प्राप्ति की जा सकती है। मंत्र की सिद्धी और साधना के लिए दृढ़ संकल्प का होना बेहद जरूरी है। इसके बगैर मनोकामना पूरी नहीं हो सकती है। इन मंत्रों का प्रयोग महाशिवरात्रि, सूर्य ग्रहण,चन्द्र ग्रहण, दीपोत्सव, अक्षय तृतीया, संक्रांति, होलाष्टक, रवि पुष्य नक्षत्र, गुरु पुष्य नक्षत्र, अमृत सिद्धी योग, अमावस्या और नवरात्र आदि त्योहारों के मौके पर करना शुभ माना गया है।