Maharashtra Politics: विजय वडेट्टीवार ने कहा कि गठबंधन के संबंध में निर्णय लेने का विशेषाधिकार वास्तव में केंद्रीय नेतृत्व के पास होता है।
Nana Patole Congress: अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अच्छे नतीजे लाने के लिए कांग्रेस पूरी ताकत झोंक रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस आलाकमान तमाम बड़े फैसले खुद ले रही है। खबर है कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व ही महाराष्ट्र में सीट बंटवारे से जुड़े सारे फैसले लेगा। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) के अध्यक्ष नाना पटोले (Nana Patole) के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान ने नाना पटोले को साफ कह दिया है कि महाराष्ट्र में सहयोगियों (MVA) और I.N.D.I.A के साथ सीट बंटवारे पर फैसले दिल्ली से ही लिए जाएंगे। इसके साथ ही पार्टी आलाकमान ने एमवीए समन्वय समिति (MVA Coordination Committee) के लिए पटोले द्वारा भेजे गए तीन नामों को भी खारिज कर दिया है। और कहा कि जल्द ही नई सूची जारी की जाएगी। यह भी पढ़े-‘फडणवीस के साथ अन्याय हुआ, मैं बहुत दुखी हूं...’, शरद पवार की बेटी सुप्रिया ने कसा तंज
नाना पटोले को झटका!
महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख पटोले ने पिछले हफ्ते शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे से उनके आवास मातोश्री पर मुलाकात की थी, जिसके बाद महाविकास अघाडी (एमवीए) के सहयोगियों के लिए समन्वय समिति के गठन की प्रक्रिया में तेजी आई थी। इस सप्ताह की शुरुआत में नौ सदस्यीय समन्वय समिति की भी घोषणा की गई थी। समिति में कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, एमपीसीसी के कार्यकारी अध्यक्ष नसीम खान और विधायक बसवराज पाटिल का नाम तय किया गया था। फिर सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई, जहां पटोले को निराशा हाथ लगी। कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने मातोश्री से संपर्क किया और बताया कि समिति के सदस्यों के रूप में कांग्रेस द्वारा दी गई नामों की सूची में कुछ बदलाव हो सकते है।
हाईकमान ने लगाई फटकार
पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, पटोले ने समन्वय समिति के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार से चर्चा नहीं की थी, जिससे दोनों वरिष्ठ नेता नाराज हैं और अब पार्टी आलाकमान ने इन वरिष्ठ नेताओं को मनाने का रुख अपनाया है। कहा जा रहा है कि महाराष्ट्र के कुछ अन्य कांग्रेस नेता भी समन्वय समिति पर इस तरह से लिए गए फैसले से खुश नहीं हैं।
एमवीए समन्वय समिति के लिए कांग्रेस नए नाम की सूची देगी। पार्टी आलाकमान का यह फैसला राज्य पार्टी नेतृत्व के लिए एक झटका है। प्रदेश नेतृत्व द्वारा लिये गये फैसले को केन्द्रीय नेतृत्व ने 48 घंटे के अंदर ही रद्द कर दिया। यह भी पता चला है कि केंद्रीय नेतृत्व ने टीम पटोले को फटकार लगाई है।
वडेट्टीवार ने क्या कहा?
इस संबंध में जब विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार से पत्रकारों ने सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहना चाहते। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गठबंधन के संबंध में निर्णय वास्तव में केंद्रीय नेतृत्व का विशेषाधिकार है।