Amthana Village Sillod Taluka Aurangabad: सरपंच कोकिलाबाई मोरे ने कहा कि हमने यह फैसला बेटियों का हौसला बढ़ाने के लिए किया है। इससे माता-पिता के साथ पूरे गांव से उसकी आत्मीयता बढ़ेगी।
Amthana Panchayat: महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले की सिल्लोद तहसील के अमथाना गांव में बेटियों के सम्मान में सराहनीय पहल की गई है। यहां की पंचायत विवाह के समय गांव की हर बेटी को पैठणी साड़ी उपहार में देगी। शाल-श्रीफल देकर दूल्हे राजा (दामाद) का सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा।
अमथाना गांव में शादी के बाद बेटी को नैहर (माहेर) देने की परंपरा पंचायत निभाएगी। इतना ही नहीं बेटी के जन्म पर खुशियां मनाने की तैयारी भी है। हाल ही में पंचायत की बैठक में यह फैसला हुआ। इस पर अमल भी शुरू हो गया है। इसके लिए पंचायत अपनी सालाना आय का 10 प्रतिशत खर्च करेगी। यह भी पढ़े-Shivaji Jayanti 2023: पुणे के इस गांव में हर दिन होती है शिवाजी महाराज की आरती, सभी ग्रामीण होते हैं शामिल
सरपंच कोकिलाबाई मोरे ने कहा कि हमने यह फैसला बेटियों का हौसला बढ़ाने के लिए किया है। इससे माता-पिता के साथ पूरे गांव से उसकी आत्मीयता बढ़ेगी। पंढरीनाथ सोमसे की बेटी उज्जवला के विवाह से इसकी शुरुआत हुई है। पैठणी हमारी संस्कृति-परंपरा का हिस्सा है। महंगी होने के चलते हर कोई इसे नहीं खरीद सकता। इसलिए हमने यह खर्च उठाने का निर्णय लिया। माता-पिता गरीब हों या अमीर, गांव की हर बेटी को शादी में पैठणी साड़ी पंचायत देगी।
पंचायत के पूर्व प्रमुख अशोक गरुण ने कहा कि महाराष्ट्र ही नहीं देश के सभी गांवों को इस तरह की पहल करनी चाहिए। इससे बेटियों का मनोबल बढ़ेगा। उन्हें विश्वास होगा कि सुख-दुख में पूरा गांव उनके साथ खड़ा होगा। उन्होंने कहा कि बेटों की ही तरह बेटी के जन्म पर खुशियां मनानी चाहिए। बेटियां आज हर क्षेत्र में लोहा मनवा रही हैं।