
संगीता के पिता बोले- दामाद की एक जल्दबाजी ने उजाड़ दिया सब कुछ (Photo: Instagram/sangita_patil)
Maharashtra Tisgaon Incident: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के वालुज इलाके में स्थित खवड़िया पहाड़ी से गिरने के कारण एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत के बाद अब इस मामले में कई सवाल उठ रहे हैं। मृतकों में 19 वर्षीय कुनाल चांदगुडे, उसके पिता मुरलीधर चांदगुडे (48) और मां संगीता चांदगुडे शामिल हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि परिवार के बीच कथित दूरी का असर अंतिम संस्कार में भी नजर आया। उधर, घटना के बाद संगीता के पिता यानी कुनाल के नाना बबनराव गाभूड़ ने एक बड़ा खुलासा किया है।
हादसे के बाद परिवार के भीतर का मनमुटाव और दूरियां इस कदर हावी दिखीं कि मौत के बाद भी तीनों का अंतिम संस्कार एक साथ नहीं हो सका। मिली जानकारी के मुताबिक, कुनाल और उसकी मां संगीता का अंतिम संस्कार शहर के मुकुंदवाड़ी श्मशान घाट में किया गया, जबकि मुरलीधर चांदगुडे का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव धनगर पिंपलगांव में किया गया। इस बीच संगीता के पिता और मुरलीधर के ससुर बाबनराव ने घटना को लेकर बड़ा दावा किया है।
मुरलीधर के ससुर बाबनराव ने कहा, जब कुनाल पहाड़ी की चोटी पर खड़ा था, तब संगीता और पुलिसकर्मी उसे समझाने की कोशिश कर रहे थे। उसी दौरान कुनाल के पिता मुरलीधर ने बेवजह जल्दबाजी कर दी और यही उनके लिए घातक साबित हुई। बाबनराव ने कहा कि अगर मुरलीधर ने उस वक्त धर्य रखा होता तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी।
संगीता के पिता ने बताया कि परिवार में कुछ दिन पहले घरेलू कारणों को लेकर विवाद हुआ था। उनके मुताबिक, मुरलीधर ने कुनाल और संगीता पर गुस्सा करते हुए कथित तौर पर काफी डांट-फटकार लगाई थी। इस घटना को लेकर कुनाल अपने पिता से बेहद नाराज था।
बाबनराव ने कहा कि परिवारों में छोटे-बड़े विवाद होते रहते हैं और उन्हें इतना गंभीर नहीं बनाना चाहिए कि कोई व्यक्ति इस तरह का कदम उठा ले। उन्होंने यह भी कहा कि नाराजगी और गुस्सा होने के बावजूद कुनाल को पहाड़ी तक नहीं जाना चाहिए था।
जानकारी के मुताबिक, कुनाल के पिता मुरलीधर एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में ड्राइवर के तौर पर काम करते थे। काम के कारण उन्हें कई बार 15 दिन और कभी-कभी महीने तक घर से बाहर रहना पड़ता था।
पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कुनाल का उसकी मां के साथ रिश्ते कैसे थे और पिता के प्रति कुनाल की नाराजगी ने उसे इस कदम के लिए प्रभावित किया था या नहीं। पुलिस अब उसके व्यवहार, पारिवारिक परिस्थितियों और घटना से पहले की गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रही है।
कुनाल के कुछ दोस्तों ने उसके बारे में अहम जानकारी दी है। दोस्तों के मुताबिक, कुनाल के पास पहले से ही आईफोन था और उसे नए फोन की कोई जरूरत नहीं थी। दोस्तों का कहना है कि कुनाल ने कभी नए फोन की मांग नहीं की थी। दोस्तों के मुताबिक, कुनाल पढ़ाई में बेहद होनहार था।
यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना शुक्रवार दोपहर 1 बजे के करीब हुई, कुनाल को नीचे गिरने से बचाने की कोशिश में पिता मुरलीधर भी पहाड़ी से गिर गए। इसके बाद मां संगीता ने भी उसी पहाड़ी से छलांग लगा दी। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है।
कुनाल सुबह करीब 10 बजे पहाड़ी के उपरी हिस्से पर चढ़ गया। इस बारे में पता चलते ही मुरलीधर और संगीता वहां पहुंचे, इस बीच पुलिस और दमकल विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। तिसगांव के सरपंच के मुताबिक, कुणाल लगातार अपनी जगह बदल रहा था, लेकिन अपनी मां से बात कर रहा था। वह पहाड़ी के एकदम किनारे खड़ा था। ग्रामीण और उसके परिवार के लोग करीब तीन घंटे तक उसे समझाने और सुरक्षित नीचे लाने की कोशिश करते रहे। कुणाल के पिता पहले पहाड़ी के नीचे थे, जबकि मां ऊपर रहकर उसे समझाने की कोशिश कर रही थीं। घटना के अंतिम 15 से 20 मिनट में पिता भी ऊपर पहुंचे थे।
Updated on:
23 Aug 2026 12:26 pm
Published on:
23 Aug 2026 11:54 am
