
Deepali Syed And Chandrakant Khaire
महाराष्ट्र में राजनीतिक माहौल गरमाया हैं। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता चंद्रकांत खैरे ने फिल्म अभिनेत्री दीपाली सैयद पर जमकर निशाना साधा है। इस दौरान चंद्रकांत खैरे की जीभ भी फिसलती हुई नजर आई। अपने भाषण के दौरान खैरे ने दीपाली सैयद को 'लिपस्टिक वाली बाई' कहकर पुकारा। इस बयान के बाद चंद्रकांत खैरे चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। यह बयान उन्होंने महाप्रबोधन यात्रा में मंच पर अपने संबोधन के दौरान दिया। ठाकरे गुट की उपनेता सुषमा अंधारे के नेतृत्व में महाप्रबोधन यात्रा शुरू है जो फिलहाल औरंगाबाद जिले में दाखिल हुई है।
शिंदे खेमे के विधायक प्रदीप जायसवाल के विधानसभा क्षेत्र में कल सुषमा अंधारे की रैली भी हुई थी। इसी रैली में चंद्रकांत खैरे, विनोद घोसालकर, मनीषा कांदे सहित कई अन्य नेता भी शामिल थे। कुछ दिन पहले दीपाली सैयद ने सुषमा अंधारे और नीलम गोर्हे को 'चिल्लर नेता' कहकर बुलाया था। इसी बात के जवाब में चंद्रकांत खैरे ने दीपाली सैयद पर निशाना साधते हुए उन्हें लिपस्टिक वाली महिला कहकर पुकारा। यह भी पढ़े: Maharashtra News: राज्यपाल कोश्यारी के बयान पर नितिन गडकरी ने दी प्रतिक्रिया, कहा- छत्रपति शिवाजी महाराज हमारे भगवान हैं
बता दें कि उद्धव गुट के नेता चंद्रकांत खैरे ने कहा कि लिपिस्टिक वाली बाई ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नीलम गोर्हे और सुषमा अंधारे के पास कुछ नहीं है। सुषमा अंधारे की एजुकेशन डॉ बाबासाहेब आंबेडकर मराठा विद्यापीठ से हुई है। दशहरा रैली के दौरान मैंने उनसे कहा था कि आपने बेहतरीन भाषण दिया है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले तक दीपाली सैयद उद्धव ठाकरे गुट में एक्टिव थीं।
तब सुषमा अंधारे ने मुझे बताया था कि साहब जब आप शिवसेना प्रमुख का जन्मदिन मना रहे थे, तब अपने एक प्रतियोगिता का आयोजन किया था। उस समय मेरे पास कॉलेज की फीस भरने के पैसे नहीं थे। तब मैंने कड़ी मेहनत करने का फैसला लेते हुए दोनों प्रतियोगिताओं में भाग लिया और दस हजार रुपये जीते थे। ऐसी हैं, हमारी सुषमा अंधारे, इस लिपिस्टिक वाली बाई को कुछ समझ में आता है क्या? अभी तो उसे पार्टी में भी शामिल नहीं किया जा रहा हैं।
खैरे ने आगे कहा कि सुषमा अंधारे हों, नीलम गोर्हे हो, या मनीषा कायंदे हों यह सभी महिलाएं काफी अनुभवी हैं, हमारी पार्टी में ऐसी महिला नेता हैं। इसीलिए आपको कुछ बोलने की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही पाउडर लगाकर हमारे पास आने की भी जरूरत नहीं है। खुद ही कुछ भी बड़ी-बड़ी बातें करना, उसे नेता नहीं बोलते। बोलने का अधिकार केवल शिवसेना नेता और प्रवक्ताओं को होता है। सुषमा अंधारे इस महाप्रबोधन यात्रा की जनक हैं।
बता दें कि चंद्रकांत खैरे ने आगे कहा कि सुषमा अंधारे महाप्रबोधन यात्रा की जनक हैं। मैं मंच पर उनसे पहले आपसे बात कर रहा हूं। वो आखिर में अपना भाषण देंगी। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि जिन 40 विधायकों ने बगावत की है। उन्हें उनके चुनाव क्षेत्र से साफ करने का काम इस यात्रा के माध्यम से शुरू किया गया है।
Published on:
21 Nov 2022 09:39 pm
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