
महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आ रही हैं। उस्मानाबाद जिले में एक 6 साल के मासूम की नरबलि दी गई। कथित रूप से भटक रही एक आत्मा को शांत कराने के नाम पर मासूम की गर्दन चाक कर डाली। अपने स्वार्थ में अंधी बुआ ने अपने एक परिचित के साथ मिलकर सगे भाई के मासूम बेटे को ही बेरहमी से मौत के घाट उतार डाला। यह कदम उसने किसी तांत्रिक के कहने पर उठाया। भटकती आत्मा थी भी या नहीं। जांच के दौरान यह तो पुलिस भी पता नहीं लगा सकी।
लेकिन अंधभक्ति और एक क्रूर तांत्रिक की घातक सलाह ने अपनों के ही हाथों, कोई अपना ही निर्दोष मासूम जरूर रुह कंपा डालने वाली मौत हमेशा-हमेशा के लिए जरूर सुलवा दिया। यह भी पढ़े: Mumbai News: Johnson Johnson ने FDA के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया, लाइसेंस रद्द करने के फैसले पर रोक लगाने की मांग की
बता दें कि ये घटना उस्मानाबाद जिले की कलंब तहसील है। इसी तहसील के अंतर्गत स्थित है पिंपलगांव डोला हैं। यह घटना है साल 2016-2017 की हैं। 6 साल का मासूम कृष्णा स्कूल से घर लौटा था। उसके बाद वो अपने दादा के साथ खेत में काम कर रही मां की खोज में निकल गया, और वो वहां से वापस नहीं आया। अचानक रहस्यमय हालातों में गायब हो गया। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो, पुलिस में शिकायत की गई। बच्चा लापता होने के अगले दिन उसकी लाश गांव के बाहर मौजूद गेहूं के खेत में मिली। बच्चे के चेहरे और सिर पर मौजूद जख्म क्रूरता की दास्ता बयां कर रहे थे। बच्चे की मां के बयान पर स्थानीय पुलिस ने हत्या और अपहरण का केस दर्ज कर लिया।
जिस रात कृष्णा को अपहरण के बाद हत्या की गई, वो रात अमावस्या की थी। परिवार और गांव वालों ने पुलिस को इस बात का आगाह पहले से ही कर दिया था कि, जिस तरह की चोटों के निशाने बच्चे के बदन पर मिले हैं. वे सब ‘नरबलि’ के लिए कत्ल की चुगली करने के लिए काफी हैं। वहीं, इस मामले पुलिस मुंह बंद करके मासूम की हत्या में शामिल संदिग्धों की तलाश में जुटी रही। दो महीने तक पुलिस को हत्या और हत्यारों के बारे में कोई भी सुराग हाथ नहीं लगा। उसके बाद एक दिन पुलिस ने कत्ल कर डाले गए मासूम की बुआ और उसके रिश्तेदार को दबोच लिया। उन दोनो ने बच्चे की हत्या की बात कबूल ली। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने वो तांत्रिक लखन उर्फ भोंदू बाबा को भी गिरफ्तार कर लिया।
जब राज से पर्दा उठा तो मामला बेकसूर मासूम की ‘नरबलि’ का ही निकला। बच्चे की बुआ द्रौपदीबाई उर्फ लक्ष्मी पौल और उसके रिश्तेदार साहेबराव इंगोले ने ही मासूम की नरबलि दी थी। यह नरबलि तांत्रिक भोंदू बाबा के इशारे पर किया गया था। इसके पीछे का मकसद था कि बच्चे का खून चढ़ाकर महिला के घर में मौजूद आत्मा को काबू किया जा सके। तांत्रिक का कहना था कि बच्चे की बुआ के घर में जो आत्मा कलेश की वजह है उसे शांत करने के लिए एक समाधि बनाना पड़ेगा।
इसके बाद उस समाधि पर किसी बच्चे का खून चढ़ाना होगा। इसके बाद आत्मा को काबू करने के लिए बेकाबू हुई बुआ ने अपने भाई के मासूम बेटे 6 साल के कृष्णा का अपहरण करके उसी की ‘नरबलि’ चढ़ा दी। बुआ को भतीजे की हत्या के आरोप में जेल में भेज दिया गया हैं।
Updated on:
29 Oct 2022 03:06 pm
Published on:
29 Oct 2022 03:04 pm
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