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Maharashtra News: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, अब गोदावरी नदी के तट पर रोजाना होगी महाआरती

महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया हैं। अब गोदावरी नदी पर रोजाना महाआरती होगी। नासिक में गोदावरी नदी के तट पर महाआरती के लिए 11 पुजारियों की नियुक्ति की जाएगी। रामायण काल में भगवान राम वनवास के दौरान नासिक में ठहरे थे। कुंभ मेले का आयोजन भी नासिक में होता है।

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CM Eknath Shinde And Deputy CM Devendra Fadnavis

महाराष्ट्र में आगामी इलेक्शन के पहले शिंदे-फडणवीस सरकार ने हिंदुत्व कार्ड खेला है। महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा फैसला किया हैं। शिंदे सरकार ने एलान किया है कि नासिक में गोदावरी नदी के तट पर अब रोजाना महाआरती होगी। बनारस, अयोध्या की तर्ज पर गोदावरी नदी के तट पर हर रोज शाम 7 बजे महाआरती की जाएगी। गोदावरी नदी को दक्षिण की गंगा कहा जाता है।

केंद्र सरकार ने गोदावरी नदी के तट के जीर्णोद्धार के लिए 5 करोड़ रुपए का निधि मंजूर किया है। नासिक में गोदावरी नदी के तट पर महाआरती के लिए 11 पुजारियों की नियुक्ति की जाएगी। रामायण काल में भगवान राम वनवास के दौरान नासिक में ठहरे थे। कुंभ मेले का आयोजन भी नासिक में होता है। यह भी पढ़े: Maharashta Politics: उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर बोला हमला, कहा- 'हत्यारों और रेपिस्ट को रिहाई के बाद लड़ाया जाता है चुनाव

राज्यपाल के विवादित बयान पर मचा बवाल: बता दें कि एक तरफ से महाराष्ट्र में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के बयान को लेकर बवाल मच गया है, वहीं अब शिंदे-फडणवीस सरकार ने एक नया एलान कर विरोधी दलों को हमलावर होने का एक और मौका दे दिया है। दरअसल, राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने महाराष्ट्र के आराध्य देव छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर कहा कि अब वे पुराने हीरो हो गए हैं। उनकी जगह पर शरद पवार और नितिन गडकरी को महाराष्‍ट्र का नया हीरो मान लेना चाहिए। भगत सिंह कोश्यारी की इस विवादित टिप्पणी पर उद्धव गुट के नेता लगातार बीजेपी और सीएम शिंदे पर निशाना साध रही हैं।

राज्य में शिंदे-फडणवीस की सरकार: गौरतलब है कि शिवसेना दो गुटों में बंट चुकी है। शिवसेना के एक गुट की कमान राज्य के सीएम एकनाथ शिंदे के हाथ में हैं, तो शिवसेना के दूसरे खेमे की बागडोर उद्धव ठाकरे के पास है। दोनों ही शिवसेना पर अपना-अपना दावा ठोक रखें है। सीएम एनकनाथ शिंदे और उनके समर्थक विधायकों की बगावत के बाद उद्धव ठाकरे की एमवीएम सरकार गिर गई थी। इसके बाद शिंदे ने बीजेपी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में अपनी सरकार बना ली।