
mumbai mahanagar palika
मुंबई। मुंबई मनपा देश की
सबसे बड़ी महानगरपालिका है। लेकिन बजट में घोषित राशि में से 10 प्रतिशत भी मुंबई
के विकास पर खर्च नहीं किया जा रहा है, जबकि बजट की 70 प्रतिशत राशि विकास के लिए
खर्च होना चाहिए । मुंबईकरों से मनपा टैक्स तो बराबर लेती है, पर जब उन्हें सुविधा
देने की बात आती है तो उस पर ध्यान नहीं दिया जाता। इसलिए प्रशासन को बजट पर श्वेत
पत्रिका निकालनी चाहिए। यह बात राकांपा के वरिष्ठ नेता सचिनभाऊ अहिर ने कही।
मराठी में हो सुधारित प्रारूप
राकांपा के सचिनभाऊ अहिर के नेतृत्व
राकांपा के गटनेता धनजंय पिसाल सहित पाटीज के सभी नगरसेवकों ने शुक्रवार को आयुक्त
अजय मेहता से मुलाकात की। पत्रकार परिषद में सचिन अहिर ने कहा कि नागरिकों से
संबंधित परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग आयुक्त से गई है। विकास
प्रारूप को लेकर जो गड़बड़ी हुई है, उसे सुधारकर बेहतर विकास प्रारूप जनता को
उपलब्ध कराएं। सुधारित विकास प्रारूप मराठी में भी हो। धनंजय पिसाल ने कहा कि मनपा
का बजट 30 से 35 हजार करोड़ का है, लेकिन उसके बावजूद मनपा द्वारा उपलब्ध कराई जा
रही सेवा और सुविधा बहुत ही कम है। कई योजनाएं अभी तक कागज पर ही हैं। केंद्र सरकार
की मदद से शुरू किए गए ब्रिमस्टोवॅड परियोजना अभी तक पूरी नहीं हो पायी है।
टैक्स के बदले मिले बेहतर सुविधा
तकरीबन 20-25 वर्ष से मुंबई का
विकास थम सा गया है। रास्ते, पानी, बढ़ती बीमारियों आदि की समस्याएं दिनों दिन बढ़
रही हैं। करोड़ों रूपये खर्च करने के बाद भी काम घटिया दर्जे का हो रहा है। मनपा
में फैले भ्रष्टाचार को खत्म करना जरूरी है। मुंबईकरों को टैक्स के बदले बेहतर
सुविधा मिले। राकांपा के सभी नगरसेवकों ने अपने वेतन से नेपाल में भूकंप पीडितों की
मदद के लिए 1,37,800 रूपये दान दिए।
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