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मुंबई की सुंदरता को और निखारने के लिए बीएमसी ने एक खास योजना बनाई है। मुंबई में अब टूरिस्ट को सिडनी हार्बर का नजारा दिखाई देगा। इसके लिए बीएमसी ने एक खास योजना बनाई है। बीएमसी मुंबई में समुद्र तटों पर लेजर शो योजना बना रही है। इस योजना की शुरुआत मुंबई के मरीन ड्राइव से होगी। मुंबई के समुद्र तट भी विदेशी टूरिस्ट के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। मुंबई को शंघाई बनाने का सपना कब पूरा होगा, यह कोई नहीं जानता, लेकिन बीएमसी ने 2023 के अंत तक मुंबई के सौंदर्यीकरण की योजना बनाई है।
इस बारे में बीएमसी कमिश्नर आईएस चहल ने बताया कि मुंबई की सभी फुटपाथ, सड़कों, पुल, उद्यान, समुद्र के किनारों की स्वच्छता, लाइटिंग और कलरिंग कर इनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा। चहल ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि इन परियोजनाओं के 50% काम को इस साल दिसंबर तक पूरा करें। यह भी पढ़ें: PM Modi के जन्मदिन पर मुंबई में 72 लड़कियों ने की मां अंबे की आरती, 21 किलो प्रसाद चढ़ाया
चहल ने कहा कि बारिश की वजह से मुंबई की सड़कों के गड्ढों को भरने का काम चालू है। बारिश खत्म होते ही सड़कों की री-सर्फेसिंग और मरम्मत का काम किया जाए, कंक्रीटिंग को छोड़कर बाकी सड़कों का पुनर्निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए। जिससे यातायात सुचारू और सुरक्षित रूप से जारी रहे। सभी सड़कों पर जेब्रा क्रॉसिंग को इस तरह से रंगा जाना चाहिए कि वे साफ-साफ नजर आए।
बता दें कि सभी वॉर्ड अपनी-अपनी सीमा में गार्डन डिपार्टमेंट के जरिए रोड डिवाइडर के बीच खुली जगह में सजावटी फूल और हरियाली लगाएं। इससे वातावरण में धूल और प्रदूषण को रोकने में मदद मिलेगी। सभी जोन में कम से कम 15 किमी लंबे फुटपाथों का सुधार और सौंदर्यीकरण किया जाए। इसमें अच्छे फुटपाथ बनाने के लिए एक्स्ट्रा जगह में स्टैंप्ड कंक्रीट, आकर्षक लाइटिंग शामिल होना चाहिए।
चहल ने आगे कहा कि फुटपाथों और सड़कों की मरम्मत में आधुनिक, आकर्षक, टिकाऊ स्ट्रीट फर्नीचर भी शामिल होना चाहिए। चहल ने आदेश दिया कि मुंबई में जहां भी अनधिकृत केबल, हवा में लटकते और टूटे पाए जाएं उन्हें तुरंत हटाया जाए। मुंबई में स्काइवॉक का इस्तेमाल अधिक से अधिक लोगों करें। विशेष रूप से रात में, इसके लिए स्काईवॉक पर साफ-सफाई, पेंटिंग और बिजली का काम किया जाना चाहिए। लाइटिंग से काफी लाभ मिलेगा।
चहल ने आदेश दिया कि वर्ल्ड फेमस गेटवे ऑफ इंडिया क्षेत्र का सौंदर्यीकरण करने की योजना तैयार की जाए। मुंबई में अब तक जापानी मियावाकी पद्धति से लगभग 4 लाख पेड़ लगाए जा चुके हैं। इसी तरह और एक लाख पेड़ लगाए जाने की योजना है। मुंबई में फुटपाथ, डिवाइडर, दीवारों, रोड बोर्ड, साउंडप्रूफिंग, स्वीट फर्नीचर, पुलों के हिस्सों आदि की सफाई के लिए मशीनों का इस्तेमाल किया जाए। प्रत्येक वार्ड में कम से कम 10 से 12 दीवारों को पेंट किया जाना चाहिए।
Updated on:
17 Sept 2022 05:20 pm
Published on:
17 Sept 2022 05:18 pm
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