ट्रैफिक की समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने मुंबई में तीन नए ब्रिज बनाने का फैसला किया है। यह पल बनाने के लिए 730 करोड़ रूपये खर्च किए जायेंगे। इनमें दादर का तिलक ब्रिज, भायखला में सीताराम सेल्वन वाई ब्रिज और रे रोड ब्रिज शामिल है। इन तीनों ब्रिज का कार्य महाराष्ट्र रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (महारेल) कर रहा है।
मुंबई में कुछ ब्रिज ऐसे है, जो 100 साल से भी ज्यादा पुराने या ब्रिटिश कालीन हैं। उन पुराने ब्रिजों की जगह आधुनिक तकनीक का उपयोग करके नए ब्रिज बनाए जा रहे हैं। इनमें दादर का तिलक ब्रिज, भायखला में सीताराम सेल्वन वाई ब्रिज और रे रोड ब्रिज शामिल है। इन तीनों ब्रिज का काम महाराष्ट्र रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन (महारेल) कर रहा है। इससे पूर्व और पश्चिम का आवागमन और आसान हो जाएगा। बीएमसी इस पर 730 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रही है।
इस संबंध में बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि तीनों ब्रिज को स्थायी समिति ने पिछले साल ही मंजूरी दे दी थी। बीएमसी ने रेलवे लाइन पर 14 घातक ब्रिज की लिस्ट तैयार की थी, जिसके प्रथम चरण में 3 ब्रिज को बांद्रा-वर्ली सी लिंक की तर्ज पर बनाए जाने का फैसला किया गया। इसके बाद यह काम महारेल को सौंप दिया गया। यह भी पढ़े: Maharashtra News: अकोला में हो रही थी दाह संस्कार की तैयारी, अचानक हिलने लगी अर्थी; मंदिर की ओर भागे लोग और फिर अचानक...
बता दें कि बीएमसी अधिकारी ने आगे बताया कि तीनों ब्रिज रेल लाइन के ऊपर हैं, बीएमसी को रेलवे से समन्वय करने में दिक्कत आ सकती थी। रेलवे लाइन पर पुल बनाने में बड़े पिलर खड़े करना, खड़े पिलर पर गिल्ड लगाना जैसी समस्या आती हैं। केबल स्टेड पुल में पिलर खड़ा करना होता है, गार्डर नहीं लगाना पड़ता है। आगे इसी तकनीक से घाटकोपर में रेलवे लाइन पर एक पैदल पुल और भायखला में एस ब्रिज भी बनाया जाएगा। केबल तकनीक से ब्रिज बनाने में समय और जगह की काफी बचत होगी। इस आने वाले 2 से 3 साल में तैयार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
एक अधिकारी ने बताया कि इन ब्रिज की चौड़ाई ज्यादा न होने के कारण यहां ट्रैफिक जाम की दिक्कत अक्सर होती थी। नए ब्रिज बनने से यह समस्या दूर होगी। दक्षिण मुंबई में ज्यादातर ब्रिज ब्रिटिशकालीन हैं। इनमें से ज्यादातर की मियाद खत्म हो चुकी है, कुछ काफी जर्जर हो गए हैं। अंधेरी में 3 जुलाई 2018 को गोखले ब्रिज हादसे में 2 लोगों की जान चली गई थी। 14 मार्च 2019 में छत्रपति शिवाजी महाराज रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाला हिमालय ब्रिज दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें 7 लोगों की मौत गई थी। इन हादसों की वजह से मुंबई में ब्रिज की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए थे।
इन ब्रिज पर इतना खर्च
भायखला के वाई ब्रिज पर करीब 200 करोड़ रुपए खर्च हो सकते हैं।
दादर के तिलक ब्रिज पर लगभग 375 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
रे रोड रेलवे ब्रिज पर करीब 147 करोड़ रुपए खर्च होने का संभावना है।
तीनों ब्रिज पूर्व से पश्चिम को जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।