Rapido Uber Bike Taxi: बाइक टैक्सी चलाने वाली उबर (Uber) जैसी कंपनियों के खिलाफ क़ानूनी कदम उठाये जा रहे है। हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि वह इस मुद्दे को अधर में न लटकाए और तुरंत निर्णय ले।
Maharashtra Bike Taxi: महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी ऐप रैपिडो (Rapido Bike Taxi Service) की मुश्किलें बढ़ती चली जा रहा है। एक तरफ अवैध बाइक टैक्सी सेवा देने का आरोप लगाते हुए पुणे में रैपिडो के खिलाफ कई मामले दर्ज किये गए है। वहीँ अब बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के आदेश पर रैपिडो ने राज्यभर में अपनी बाइक टैक्सी सर्विस को बंद कर दिया है।
बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा रोपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (रैपिडो) को आवश्यक लाइसेंस नहीं होने के कारण आज दोपहर 1 बजे से महाराष्ट्र में अपनी सभी सेवाओं को निलंबित करने का निर्देश दिया गया था। जिसके बाद बाइक टैक्सी एग्रीगेटर ने कोर्ट को सूचित किया कि उसने आदेश का अनुपालन करते हुए अपनी ऐप को राज्यभर में निष्क्रिय कर दिया है। यह भी पढ़े-पुणे में रैपिडो की मुश्किलें बढ़ी, पुलिस ने दर्ज की एक और FIR, जानें मामला
रैपिडो ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा उसे राज्य में दोपहिया बाइक टैक्सी चलाने के लिए लाइसेंस देने से इनकार करने के निर्णय को चुनौती दी थी। कथित तौर पर महाराष्ट्र सरकार ने कंपनी को बताया था कि राज्य ने अभी तक बाइक टैक्सी को अनुमति देने के लिए कोई पॉलिसी नहीं बनाई है और इसके लिए कोई किराया पॉलिसी भी नहीं है।
रैपिडो की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को सूचित किया गया कि रैपिडो के पास किसी भी सेवा- बाइक टैक्सी, ऑटोरिक्शा और फूड डिलीवरी को चलाने के लिए लाइसेंस नहीं है. जिस पर जस्टिस जीएस पटेल (GS Patel) और एसजी दिगे (SG Dige) की खंडपीठ ने कंपनी से कहा कि अगर वे शुक्रवार दोपहर 1 बजे तक अपनी सेवाएं बंद करने से इनकार करते है तो इसके बदले उनकी याचिका को खारीज कर दिया जायेगा। कोर्ट ने रैपिडो को 20 जनवरी तक सेवाएं निलंबित करने को कहा है। बाद में रैपिडो ने हाईकोर्ट को सूचित किया कि उसने कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए अपनी सेवाएं रोक दी है।
इससे पहले कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से बाइक टैक्सी को लाइसेंस देने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने को कहा था। सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता बीरेंद्र सराफ ने मंगलवार को अदालत को बताया था कि राज्य में फिलहाल बाइक टैक्सी चलाने की अनुमति नहीं है क्योंकि सरकार ने इसके लिए कोई नीति या दिशानिर्देश जारी नहीं किया है।
सराफ ने कोर्ट को यह भी बताया कि राज्य में बाइक टैक्सी के लिए दिशानिर्देश तैयार करने के लिए एक समिति गठित की गई है। इसके अलावा, बाइक टैक्सी चलाने वाली उबर (Uber) जैसी कंपनियों के खिलाफ क़ानूनी कदम उठाये जा रहे है। बाद में, बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि वह इस मुद्दे को अधर में न लटकाए और तुरंत निर्णय ले।