1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शिवसेना सांसद संजय राउत की मुश्किलें बढ़ी, इस मामले में कोर्ट ने जारी किया समन

शिवसेना सांसद संजय राउत की मुसीबतें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। संजय राउत ने 30 मार्च 2018 को बेलगांव में महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद को लेकर कथित रूप से भड़काऊ भाषण दिया था। इस मामलें को लेकर कोर्ट ने संजय राउत को 1 दिसंबर को कोर्ट में हाजिर होने को कहा है।

2 min read
Google source verification
sanjay_raut.jpg

Sanjay Raut

शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) की मुसीबतें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। पात्रा चॉल घोटाला मामले में जमानत पर बाहर आए संजय राउत पर अब महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद (Maharashtra-Karnataka Border Dispute ) को लेकर कथित भड़काऊ भाषण देने के मामले में गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद को लेकर 30 मार्च 2018 में विवादित बयान देने के मामले में कर्नाटक की बेलगांव कोर्ट (Belgaum Court) ने संजय राउत को हाजिर होने के लिए कहा है।

कर्नाटक की बेलगांव कोर्ट ने उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत को 1 दिसंबर को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है। संजय राउत ने 30 मार्च 2018 को बेलगांव में महाराष्ट्र कर्नाटक सीमा विवाद को लेकर भड़काऊ भाषण दिया था। यह भी पढ़े: महाराष्ट्र में धोती पर सिग्नेचर आंदोलन कर राज्यपाल को हटाने की मांग, लगाए गए नारे

बता दें कि इस बीच महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रकांत पाटिल और शंभुराज देसाई तीन दिसंबर को बेलगाम का दौरा करेंगे। ये दोनों मंत्री बेलगाम में मध्यवर्ती महाराष्ट्र एकीकरण समिति के कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और कर्नाटक के साथ दशकों पुराने सीमा विवाद पर उनसे बातचीत करेंगे। महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सीमा विवाद पर अदालती मामले के संबंध में कानूनी टीम के साथ समन्वय करने के लिए चंद्रकांत पाटिल और शंभुराज देसाई को सीमा विवाद के वास्ते समन्वय मंत्री बनाया गया है।

चंद्रकांत पाटिल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर पर कहा कि मध्यवर्ती महाराष्ट्र एकीकरण समिति की तरफ से सीमा मुद्दे पर चर्चा करने की मांग की गई थी। पाटिल ने समिति के एक लेटर के साथ ट्वीट किया, इसके मुताबिक समन्वय मंत्री शंभुराज देसाई और मैं तीन दिसंबर को बेलगाम का दौरा करेंगे और इस विषय पर चर्चा भी करेंगे। चलिए मुलाकात करते हैं। चर्चा से निश्चित रूप से एक रास्ता जरूर निकलेगा।

हाल के एक सरकारी प्रस्ताव के मुताबिक, मंत्री उस समिति के साथ समन्वय के लिए जिम्मेदार होंगे जो कर्नाटक में मराठी भाषी इलाकों का राज्य के साथ मिलना चाहती हैं। प्रस्ताव में कहा गया है कि चंद्रकांत पाटिल और शंभुराज देसाई कर्नाटक के उन 865 गांवों के निवासियों की प्रॉब्लम भी सुनेंग। चंद्रकांत पाटिल बीजेपी के दिग्गज नेता हैं, जबकि शंभुराज देसाई शिंदे गुट के मेंबर हैं। ये दोनों मंत्री पश्चिमी महाराष्ट्र के निवासी हैं।

क्या है विवाद: बता दें कि महाराष्ट्र साल 1960 में अपनी स्थापना के बाद से, कर्नाटक के साथ बेलगाम जिले और 80 अन्य मराठी भाषी गांवों को लेकर सीमा विवाद में फसा हुआ है। बेलगाम और ये गांव कर्नाटक में हैं।

Story Loader