Uddhav Thackeray Vs Eknath Shinde: ‘शिवसेना’ नाम और पार्टी का चिह्न ‘धनुष और बाण’ शिंदे गुट को आवंटित करने के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ उद्धव ठाकरे की याचिका पर शीर्ष कोर्ट 31 जुलाई को सुनवाई करेगा।
Shiv Sena Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सोमवार को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि चुनाव आयोग (Election Commission) किसी पार्टी को कोई चुनाव चिह्न आवंटित कर सकता है, किसी पार्टी को चुनाव चिन्ह आवंटित कर सकता है, लेकिन उसके पास किसी पार्टी का नाम बदलने की शक्ति नहीं है।
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के दौरे के दौरान अमरावती जिले में पत्रकारों से बात करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि 'शिवसेना' नाम उनके दादा केशव ठाकरे ने दिया था और वह किसी को इसे चुराने नहीं देंगे। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र में तय हुआ कैबिनेट विस्तार का मुहूर्त, BJP और शिवसेना के 4-4 मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी
बता दें कि निर्वाचन आयोग ने इस साल फरवरी में ‘शिवसेना’ नाम और उसका पार्टी चिह्न ‘धनुष एवं बाण’ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नीत गुट को आवंटित किया था। जबकि आयोग ने ठाकरे गुट को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नाम और ‘मशाल’ चुनाव चिह्न को बनाए रखने की अनुमति दी, जो उसे अंधेरी ईस्ट विधानसभा उपचुनाव के दौरान मिला था।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पिछले साल जून में उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी थी। जिससे शिवसेना दो हिस्सों में बंट गई थी। बाद में शिंदे ने अपने खेमे के विधायकों के साथ बीजेपी के साथ गठबंधन किया और राज्य में सरकार बनाई।
उद्धव ठाकरे ने सोमवार को कहा, ‘‘चुनाव आयोग के पास किसी पार्टी का नाम बदलने का अधिकार नहीं है। वह किसी पार्टी को चुनाव चिह्न आवंटित कर सकता है। शिवसेना नाम मेरे दादा ने दिया था। चुनाव आयोग नाम कैसे बदल सकता है? मैं किसी को पार्टी का नाम हथियाने नहीं दूंगा।’’
गौरतलब हो कि उद्धव गुट ने चुनाव आयोग के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। जिस पर 31 जुलाई को सुनवाई होगी। ‘शिवसेना’ नाम और पार्टी का चिह्न ‘धनुष और बाण’ शिंदे गुट को आवंटित करने के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ उद्धव ठाकरे की याचिका पर शीर्ष कोर्ट 31 जुलाई को सुनवाई करेगा। ठाकरे ने अपनी याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया था।