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मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर, मुद्रा लोन के तहत फंसा कर्ज सीमित दायरे में

वित्त मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत दिए जाने वाले लोन के एनपीए के बारे में दी जानकारी। आरबीआर्इ के नियमों के तहत सीमित दायरे में है फंसा कर्ज। साल 2015 में केंद्र सरकार ने लाॅन्च किया था प्रधानमंत्री मुद्रा योजना।

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मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर, मुद्रा लोन के तहत फंसा कर्ज सीमित दायरे में

नर्इ दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकंक्षी प्रोजेक्ट में से कए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ( PMMY ) के तहत गैर-निष्पादित परिसंपत्ति ( NPA ) भारतीय रिजर्व बैंक ( rbi ) द्वारा तय किए गए सीमित दायरे में ही है। लेकिन, वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, कुछ सरकारी बैंकों में इस योजना के तहत आने फंसा कर्ज आरबीआर्इ द्वारा तय किए गए सीमा को पार कर गया है। इसी साल कुछ महीने पहले आरबीआर्इ ने इस मसले के बारे में केंद्र सरकार को जानकारी दे दिया है। वित्त मंत्रालय को केंद्रीय बैंक एक लेटर लिखकर इस संबंध में जानकारी दी है।


आरबीआर्इ के बेसल नियमों के तहत 5 फीसदी से भी कम है मुद्रा योजना के तहत लोन

इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत कुल एनपीए 5 फीसदी के करीब है, जोकि अारबीआर्इ के बेसल नियमों से कम है। कुछ सरकरी बैंकों ने इस सीम को क्राॅस भी कर दिया है। हालांकि, इस योजना के तहत आने वाले कुल एनपीए के बारे में कोर्इ जानकारी अभी तक सामने नहीं आर्इ है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मुद्रा लोन योजना के तहत कुल एनपीए करीब 11,000 करोड़ रुपए है। ध्यान देने वाली बात है कि आरबीआर्इ के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने इस बात की चेतावनी दी थी कि मुद्रा लोन आैर किसान क्रेडिट कार्ड के तहत कुल एनपीए को लेकर सावधानी बरतनी होगी।


वित्त वर्ष 2018 से अब तक कितना लोन दिया जा चुका है

इस योजना के तहत 22 मार्च 2019 तक कुल लोन करीब 2,73,748.57 करोड़ रुपए बांटा जा चुका है। जबकि इसके पहले वित्त वर्ष 18 आैर वित्त वर्ष 19 में कुल लोन क्रमशः 1,75,312.13 आैर 1,32,954.73 करोड़ रुपए बांटा गया था। नरेंद्र मोदी की अगुवार्इ वाली एनडीए सरकार ने साल २०१५ में इस फ्लैगशीप स्कीम को लाॅन्च किया था, जिसके तहत छोटे कारोबारी १० लाख रुपए तक का लोन ले सकते हैं। यह लोन काॅमर्शियल बैंक, ग्रामीण बैंक, स्माॅल फाइनेंस बैंक, कोआॅपरेटिव बैंक आैर गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान दे सकते हैं।

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