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म्यूच्यूअल  फंड्स में निवेश करते वक्त ध्यान रखें ये बातें

निवेश पर शानदार रिटर्न देने के चलते युचुअल फंड्स पिछले कुछ वर्षों में काफी लोकप्रिय हो गया है। समय के साथ निवेशक विभिन्न युचुअल फंड स्की स में निवेश कर रहे हैं। उनका निवेश आंषिक रूप से उनके अपने अध्ययन और आंशिक रूप से अपने साथियों या परामर्शदाताओं की सलाह पर आधारित होता है।

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Manish Ranjan

Jul 13, 2017

Investment in mutual fund

Investment in mutual fund

नई दिल्ली. निवेश पर शानदार रिटर्न देने के चलते युचुअल फंड्स पिछले कुछ वर्षों में काफी लोकप्रिय हो गया है। समय के साथ निवेशक विभिन्न युचुअल फंड स्की स में निवेश कर रहे हैं। उनका निवेश आंषिक रूप से उनके अपने अध्ययन और आंशिक रूप से अपने साथियों या परामर्शदाताओं की सलाह पर आधारित होता है। इस प्रक्रिया में हम कभी-कभी गलतियां कर देते हैं, जिन्हें दूर करने या समय पर सही करने की उन्हें जरूरत होती है। आइए जानते हैं कि निवेशकों द्वारा आमतौर पर किस तरह की गलतियां की जाती हैं।


एक बड़ा पोर्टफोलियो जोखिम को नियंत्रित करने के लिये विविधीकरण अच्छा होता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा विविधीकरण करने से आपके रिटर्न पर असर पड़ सकता है। एक बड़ा पोर्टफोलियो बनाने का मतलब है कि पोर्टफोलियो में कुछ फं ड्स औसत से नीचे परफॉर्म करेंगे और कुल रिटर्न में गिरावट आएगी।


शीर्ष परफॉर्मर्स के पीछे भागना
बहुत अच्छा परफॉर्म करने वाली कंपनियों के पीछे भागना अल्पकाल के लिए लाभदायक हो सकता है, लेकिन इससे आपका पोर्टफोलियो काफी विविधतापूर्ण या फिर संकुचित बन सकता है। इस तरह यह आपके निवेश को विविधीकृत कर युचुअल फंड का बेहतर इस्तेमाल करने में सक्षम नहीं है। आपको फोकस सिर्फ बीते समय में अच्छा प्रदर्शन करने वालों पर नहीं होना चाहिए, बल्कि आपको एएमसी की प्रतिष्ठा और प्रबंधन, फंड्स निवेश करने की शैली, रिटर्न देने में निरंतरता और परिसंपत्ति के आकार पर भी ध्यान देना चाहिए। साथ ही जोखिम सहन करने की क्षमता महत्वपूर्ण हैं।


लक्ष्यों और निवेश अवधि का बेमेल होना
डेट और इक्विटी के बीच परिसंपत्ति आवंटन आपके जोखिम सहने की शक्ति के अनुरूप होना चाहिए, जोकि लक्विडिटी जरूरतों के अधीन है। आपके पोर्टफोलियो की समय-समय पर समीक्षा करने की जरूरत है। साथ ही आपके जोखिम सहने की शक्ति और लिक्विडिटी की जरूरतों के अनुरूप उसमे करेक्शन भी किया जाना चाहिए।


बहुत ज्यादा मंथन
इसे उतावलापन कहें अथवा अग्रसक्रिय होने का झूठा बोध- हम अमूमन हमारे पोर्टफोलियो को बढ़ते देखने के लिए इंतजार नहीं कर पाते हैं और नुकसान कर बैठते हैं।


खबरों पर बहुत ज्यादा ध्यान देना
नियमित तौर पर वित्तीय समाचारों को देखने से बाजार में ‘प्रतिकूल खबरों‘ के प्रति हमारा फौरन रिएक्शन होता है। मीडिया आउटलेट आमतौर पर रोजाना समाचारों के प्रवाह पर अतिजोर देते हैं और उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं। इससे निवेशकों के बीच उत्साह पैदा होता है। एक निवेशक को दीर्घकालिक लक्ष्यों पर फोकस करना चाहिए और उसे यह देखना चाहिए कि हालिया समाचार ने किसी भी तरह से उस लक्ष्य को हासिल करने के अवसरों को महत्वपूर्ण ढंग से प्रभावित किया है।