5 मिनट में ऐसे फाइल करें इनकम टैक्स रिटर्न, 31 अगस्त है अंतिम तारीख

  • सालाना 2.5 लाख रुपये से अधिक की कमाई करने वालों को भरना होगा टैक्स रिटर्न।
  • 31 अगस्त 2019 है टैक्स रिटर्न भरने के अंतिम तारीख।
  • आसानी से घर बैठे दाखिल कर सकते हैं इनकम टैक्स रिटर्न।

By: Ashutosh Verma

Updated: 26 Aug 2019, 01:58 PM IST

 

नई दिल्ली। इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख (31 अगस्त 2019) अब बहुत नजदीक है। प्रवासी भारतीयों समेत सभी भारतीय नागरिक, जिनकी कमाई सालाना 2.5 लाख रुपये से अधिक है, उन्हें 31 अगस्त 2019 तक इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है।

60 वर्ष से अधिक की उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 3 लाख रुपये सालाना और अति वरिष्ठ नागरिक यानी 80 साल से अधिक उम्र के नागरिकों के लिए यह सीमा 5 लाख रुपये सालाना है। आज हम आपको ऑनलाइन आईटीआर भरने के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।

अपने लिये उपयुक्त आईटीआर फाॅर्म का चुनाव करें-

1. ITR-1: इस आईटीआर फाॅर्म को 'सहज' भी कहा जता है। यह आईटीआर फाॅर्म 50 लाख रुपये सालाना कमाई करने वाले लोगों के लिए होता है। इसमें वेतन, पेंशन, प्राॅपर्टी से होने वाली कमाई और लाॅटरी जैसे इनकम शामिल होते हैं। इसमें पेटेंट्स और डिविडेंड से मिलने वाला इनकम भी शामिल होता है।

2. ITR-2: यह फाॅर्म सालाना 50 लाख रुपये व उससे अधिक की कमाई करने वाले लोगों के लिए होता है। इसमें वो लोग शामिल होते हैं, जिनके पास एक से अधिक घर होता है या किसी कंपनी में निदेशक बोर्ड के सदस्य होते हैं। यदि आपने कैपिटल गेन से कमाई की है, या आपके पास अनलिस्टेड इक्विटी शेयर्स हैं या किसी विदेशी सोर्स से आपकी कमाई होती है तो आपको आईटीआर के लिए इस फाॅर्म को भरना होगा। यह फाॅर्म उन व्यक्तियों और हिंदु अनडिवाइडेड फैमिली के लिए भी होता है, जिनकों अपने बिजनेस से मुनाफा-घाटा के अतिरिक्त कमाई नहीं होता।

3. ITR-3: यह उन व्यक्तियों और एचयूएफ के लिए है जिनके पास एक मालिकाना व्यवसाय या पेशे से आय आता है। इसके अलावा, साझेदारी फर्मों के भागीदारों को इस फॉर्म का उपयोग करना होगा। अगर उन्हें केवल उनकी फर्मों से प्राप्त आय प्राप्त होती है, जो कि लाभ का हिस्सा है जो पारिश्रमिक और ब्याज नहीं है।

4. ITR-4: इस फॅार्म का नाम 'सुगम' होता है। यह फॉर्म व्यक्तियों, एचयूएफ और साझेदारी फर्मों के लिए है जिन्होंने धारा 44 AD, धारा 44 ADA और धारा 44 AE के अनुसार अनुमानी आय योजना का विकल्प चुना है और जिनकी आय 50 लाख रुपये से अधिक नहीं है।

5. ITR-5: यह एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स [AOPs], व्यक्तियों का निकाय [BOIs], फर्मों, LLP, कृत्रिम न्यायिक व्यक्तियों, सहकारी समितियों और स्थानीय अधिकारियों पर लागू होता है।

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इसके अतिरिक्त अन्य फाॅर्म्स कपंनियों, ट्रस्ट, संस्था, राजनीतिक पार्टी, काॅलेज और इन्वेस्टमेंट फंड आदि के लिए होता है। ये सभी टैक्स फाइलिंग पोर्टल (incometaxindiaefiling.gov.in) के अंतर्गत टैक्स नहीं करते हैं। एक बार आपने उचित फाॅर्म चुनने के बाद आपको अपना फार्म 16 व निवेश संबंधी ब्यौरा तैयार रखना होगा। उसके बाद आपको नीचे दिये गये स्टेप्स फाॅलो करने होंगे।

1. incometaxindiaefiling.gov.in पर आपको लाॅग इन करना होगा। यदि आपके पास कोई पासवर्ड नहीं है तो आप 'Register Yourself' पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आपको अपने PAN व Contact संबंधी जानकारी देने के बाद पासवर्ड डालना होगा।

2. लाॅग इन करने के बाद आपको E-File विकल्प को चुनना होगा और 'Prepare and Submit ITR Online' पर क्लिक करना होगा। केवल ITRs 1 और 4S को ही ऑनलाइन भरा जा सकता है।

3. इसके बाद अब उचित फाॅर्म को चुनेंगे और एसेसमेंट इयर को भी चुनेंगे।

4. इसके बाद आपको मांगी गई अन्य जानकारियां भरनी होगी। अगर आपके पास एक से अधिक बैंक खाता है तो आप उस खाते को चुनिये जिसमें आप इनकम टैक्स रिफंड पाना चाहते हैं। इसके बाद आपको Continue पर क्लिक करना होगा।

5. पोर्टल पर ITR-1 फाॅर्म 7 भागाें में बंटा होगा। इनकाम नाम सामान्य जानकारी, Computation of Income and Tax, Tax Details, Tax Paid & Verification होगा। अंतिम भाग डोनेशन संबंधी होगा।

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आपको एक बाद याद रखना होगा कि इस साल से आपने आईटीआर-1 फाॅर्म में पहले से ही सैलरी, एफडी, बैंक खाते में ब्याज से होने वाली कमाई, टीडीएस विवरण, कैपिटल गेन , डिविडेंड, आयकर अधिनियम 80C से लेकर 80U के तहत किये जाने वाले टैक्स डिडक्शन क्लेम और काॅन्टैक्स संबंधी जानकारी पहले से ही भरा रहेगा। यह सभी जानकारी कई जगह से उठाई जाती है। इनमें आपका बैंक खाता, नियोक्ता की तरफ से दाखिल किया गया टीडीएस रिटर्न, पिछले साल का आईटीआर फाॅर्म, स्टाॅक एक्सचेंज, म्यूचुअल फंड्स, ईपीएफओ आदि शामिल होता है।

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