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यहां प्रभु की ट्रेन में चलता है ‘पप्‍पू’ का राज

यह सच जानकर दंग रह जाएंगे आप, सहारनपुर मंडल में रेलमंत्री नहीं बल्कि पप्पू के हाथ में है कमान

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sharad asthana

Oct 21, 2016

train

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शिवमणि त्यागी , सहारनपुर। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि देश के सबसे बड़े महकमे रेलवे की कमान सहारनपुर मंडल में रेलमंत्री नहीं बल्कि पप्पू के हाथ में है। नाम भले ही पप्पू हो लेकिन रेलवे कि केंद्र वाली सुरक्षा एजेंसी आरपीएफ और राज्य वाली सुरक्षा एजेंसी जीआरपी मिलकर भी पप्पू के गुर्गों पर हाथ नहीं डालती।
यह तो बानगी भर है। पप्पू के गुर्गों का रुतबा ऐसा है कि यात्रियों से रोजाना अभद्र व्यवहार करते हैं। आरपीएफ और जीआरपी के जवानों को भी टोकने पर सीधा जवाब दे देते हैं कि साहब हमारा माय बाप पप्पू है। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर यह पप्पू कौन है आपके जहन में कई सवाल भी कौंध रहे होंगे कि आखिर इतना रुतबा और नाम पप्पू कौन है यह शख्स ?

रेलवे के डॉन पर नहीं होती कार्रवाई

हम आपको बता देते हैं पप्पू कोई डॉन नहीं बल्कि पर्दे के पीछे से कमांड करने वाला रेलवे का एक बड़ा तस्कर है। शक्ल और सूरत पते से भले ही पप्पू को लोग ना जानते हों लेकिन सहारनपुर रेलखंड से लेकर मुरादाबाद रेल खंड और दिल्ली रेल खंंड पर दौड़ने वाली ट्रेनों में चलने वाले कानूनी और गैर कानूनी वेंडरों से लेकर दैनिक यात्री तक पप्पू को नाम से ही जानते हैं।
सिर्फ वेंडर और दैनिक यात्री ही नहीं जीआरपी और आरपीएफ के अलावा रेलवे की खुफिया एजेंसी तक पप्पू को जानती हैं। ऐसे में सवाल यह है कि सब कुछ जानने के बाद भी यह दोनों सुरक्षा एजेंसियां पप्पू और उसके आदमियों पर कार्रवाई क्यों नहीं करती ?

कहीं, पप्पू का नाम इस्तेमाल ना कर जाएंं आतंकी

पप्पू का यह नेटवर्क सिर्फ रेलवे को चूना ही नहीं लगाता बल्कि पप्पू के आदमियो के वेश में आतंकियों के लिए किसी भी ट्रेन में सवार होना बेहद आसान है। पड़ोसी देश के साथ चल रहे गर्म हालातों और आगामी त्योहारी सीजन में इस खतरे को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। कारण भी है दरअसल, पप्पू और इसके गुर्गे शमीम के हज़ारो लोग रोजाना वेंडरों के रूप में इनके गैंग में शामिल होते हैं और ट्रेनों में चलते हैं। पप्पू का यह कारोबार किसी फिल्मी डॉन की तरह ऑपरेट होता है। खुद पप्पू और इसके राइट हैंड शमीम को नहींं मालूम होता कि कितने नए लोग वेंडर बनकर एक दिन में आते हैं और कितने पुराने छोड़कर चले जाते हैं। रात दिन ट्रेनों में चलने वाले इन फर्जी वेंडरों का कोई रिकाॅॅर्ड भी आरपीएफ और जीआरपी के पास नहीं भेजा जाता। रोजाना नए चेहरों को देखकर अगर सुरक्षा एजेंसियां इन्हें टोकती हैंं तो सिर्फ ये कोड वर्ड चलता है कि,
साहब आज ही इस लेन पर आया हूंं, पप्पू का आदमी हूंं। इतना कहने पर फिर इस वेंडर की कोई पूछताछ या जांंच-पड़ताल नहीं होती। ऐसे में आप समझ सकते हैं कि पप्पू गैंग का नाम इस्तेमाल करना आतंकियों के लिए कितना आसान है।

ये है पप्पू का इलाका

सहारनपुर से लेकर नागल और नागल से लेकर खतौली तक पप्पू का नेटवर्क काम करता है। इसी तरह से सहारनपुर से लेकर अम्बाला और मुरादाबाद तक पप्पू और इसके गुर्गे शमीम का नेटवर्क और नाम चलता है।

क्या कहती हैं रेलवे की सुरक्षा एजेंसियां

आरपीएफ के सहारनपुर थाना प्रभारी संजीव शर्मा का कहना है कि छठ पूजा और आगामी त्यौहार के चलते चेकिंग बढ़ा दी गई है और अब ट्रेनों में चलने वाले सभी वेंडरों की भी चेकिंग की जाएगी।

इंटेलिजेंश ने भेजी रिपोर्ट

सूत्रों के मुताबिक सहारनपुर में रेलवे की इंटेलिजेंस एजेंसी ने आगामी त्योहारों की सवेंदल वाली रिपोर्ट में इस ऐंगल का प्रमुखता से जिक्र किया है।
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