पप्पू का यह नेटवर्क सिर्फ रेलवे को चूना ही नहीं लगाता बल्कि पप्पू के आदमियो के वेश में आतंकियों के लिए किसी भी ट्रेन में सवार होना बेहद आसान है। पड़ोसी देश के साथ चल रहे गर्म हालातों और आगामी त्योहारी सीजन में इस खतरे को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। कारण भी है दरअसल, पप्पू और इसके गुर्गे शमीम के हज़ारो लोग रोजाना वेंडरों के रूप में इनके गैंग में शामिल होते हैं और ट्रेनों में चलते हैं। पप्पू का यह कारोबार किसी फिल्मी डॉन की तरह ऑपरेट होता है। खुद पप्पू और इसके राइट हैंड शमीम को नहींं मालूम होता कि कितने नए लोग वेंडर बनकर एक दिन में आते हैं और कितने पुराने छोड़कर चले जाते हैं। रात दिन ट्रेनों में चलने वाले इन फर्जी वेंडरों का कोई रिकाॅॅर्ड भी आरपीएफ और जीआरपी के पास नहीं भेजा जाता। रोजाना नए चेहरों को देखकर अगर सुरक्षा एजेंसियां इन्हें टोकती हैंं तो सिर्फ ये कोड वर्ड चलता है कि,