
उज्जैन. आलोक इंटरनेशनल स्कूल (महाकाल ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूट) में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों के साथ-साथ सामाजिक और नैतिक विषयों के प्रति सजग बनाना रहा। कार्यक्रम में पॉक्सो एक्ट, साइबर सुरक्षा, यातायात नियमों और नशा मुक्ति जैसे गंभीर विषयों पर सरल और व्यावहारिक तरीके से जानकारी दी गई, ताकि छात्र-छात्राएं समय रहते सजग हो सकें और किसी भी तरह के कानूनी या सामाजिक जोखिम से स्वयं को सुरक्षित रख सकें।
शिविर में पवन कुमार पटेल, तृतीय जिला न्यायाधीश ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि 14 से 16 वर्ष की आयु में नशे की प्रवृत्ति सबसे अधिक देखी जाती है, क्योंकि इस उम्र में किशोर इसके दूरगामी दुष्परिणामों को पूरी तरह नहीं समझ पाते। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, धन और चरित्र तीनों को गहराई से प्रभावित करता है। ऐसे में सही संगत का चयन और आत्मअनुशासन ही नशे से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। वक्ताओं ने बच्चों को किसी भी प्रकार के प्रलोभन से दूर रहने और समय पर मदद लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में प्रीति धानक (अध्यक्ष), हर्षिता चौहान (कोषाध्यक्ष) महिला विकास एवं सर्वधर्म कल्याण समिति, पीएलवी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा डॉ. एस.एस. पंड्या, वरिष्ठ वैज्ञानिक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की जानकारी दी। अतिथियों का स्वागत संस्था अध्यक्ष आलोक वशिष्ठ ने किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक अखिलेश खरे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन शिक्षिका वंशिका दुबे द्वारा किया गया। आयोजन से विद्यार्थियों में कानून के प्रति समझ बढ़ी और सुरक्षित व जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश मिला।
Updated on:
31 Jan 2026, 2:11 AM IST
Published on:
31 Jan 2026, 2:11 AM IST
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