
उज्जैन. सरकार द्वारा 2/2 स्लीपर कोच टूरिस्ट बसों पर अचानक रोक लगाए जाने के विरोध में प्रदेशभर के टूरिस्ट बस ऑपरेटर शुक्रवार, 31 जनवरी को उज्जैन में एकत्रित होंगे। सुबह 11 बजे मनोरमा गार्डन में आयोजित इस बैठक में बस ऑपरेटर आगे की आंदोलनात्मक रणनीति तय करेंगे। टूरिस्ट बस ऑपरेटर एसोसिएशन का कहना है कि बिना पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के आरटीओ द्वारा बसों को ब्लॉक कर देना न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि इससे यात्रियों और ऑपरेटरों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एसोसिएशन के अनुसार कई टूरिस्ट बसें 40 से 50 दिनों की लंबी यात्राओं पर थीं, जो फिलहाल कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में फंसी हुई हैं। अचानक लगे प्रतिबंध के कारण हजारों यात्री असमंजस की स्थिति में हैं। जिन परिवारों में विवाह समारोह हैं, वे भी बसों की अनुपलब्धता से परेशान हैं। ऑपरेटरों का कहना है कि धार्मिक यात्राएं, बरातें, ग्रुप टूर और पर्यटन गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जबकि ये बसें पहले से ही आरटीओ की अनुमति और वैध दस्तावेजों के साथ संचालित हो रही थीं।
बस ऑपरेटरों का तर्क है कि सभी 2/2 स्लीपर बसें उज्जैन आरटीओ से विधिवत पास की गई थीं। जब नियमों के तहत पंजीयन, टैक्स और संचालन की अनुमति दी गई, तो अब इन्हें अचानक अवैध घोषित करना व्यवसायिक और नैतिक रूप से गलत है। सात दिनों में 2/2 स्लीपर को 2/1 या 1/1 में बदलने का आदेश अव्यावहारिक बताया गया है। इससे चारधाम यात्रा, नर्मदा परिक्रमा और विवाह आयोजनों पर सीधा असर पड़ेगा। एसोसिएशन ने मांग की है कि 2/2 स्लीपर बसों को बॉडी कोड 119 में शामिल कर सुरक्षा मानकों के साथ संचालन की अनुमति दी जाए, ताकि पर्यटन, रोजगार और हजारों परिवारों की आजीविका सुरक्षित रह सके।
Updated on:
31 Jan 2026, 1:27 AM IST
Published on:
31 Jan 2026, 1:26 AM IST
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