
उज्जैन. कबीर परमेश्वर पंथी जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल महाराज के सानिध्य में कबीर साहेब का 508वां निर्वाण दिवस 27 से 29 जनवरी तक श्रद्धा, सेवा और सामाजिक चेतना के साथ मनाया गया। नेपाल सहित भारत के 13 सतलोक आश्रमों में एक साथ आयोजित इस महाआयोजन में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु, शासन-प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और 36 बिरादरी के गणमान्य नागरिक शामिल हुए। सतलोक आश्रम किठोदा में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान महज 17 मिनट में असुर निकंदन रमेणी मंत्रों के उच्चारण के साथ 14 जोड़ों का आदर्श दहेज-मुक्त विवाह संपन्न कराया गया। इस आयोजन ने समाज को यह संदेश दिया कि विवाह सादगी, समानता और संस्कारों के साथ भी संपन्न हो सकता है। उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस पहल को सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध एक सशक्त कदम बताया। कार्यक्रम में यादव समाज अध्यक्ष जमना प्रसाद यादव, महापौर मुकेश टटवाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
निर्वाण दिवस के अवसर पर मानव सेवा को सर्वोच्च धर्म मानते हुए 79 यूनिट रक्तदान किया गया। इसके साथ ही 84 श्रद्धालुओं ने मरणोपरांत देहदान का संकल्प लेकर समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। आयोजकों ने बताया कि संत रामपाल महाराज के मार्गदर्शन में अनुयायी सामाजिक सुधार और सेवा कार्यों को प्राथमिकता देते हैं। कार्यक्रम में विशेष रूप से नारायण यादव की उपस्थिति रही, जिन्होंने इस आयोजन को सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया।
समारोह के दौरान आयोजित आध्यात्मिक प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें गीता, वेद और पुराणों में निहित गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों को सरल और वैज्ञानिक रूप में प्रस्तुत किया गया। श्रद्धालुओं और अतिथियों को आध्यात्मिक ज्ञान से परिपूर्ण पुस्तकें ‘गीता तेरा ज्ञान अमृत’ और ‘ज्ञानगंगा’ भेंट की गईं। आयोजकों के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को आध्यात्मिक जागरूकता और मानवता के मार्ग पर अग्रसर करना है।
Updated on:
31 Jan 2026 12:49 am
Published on:
31 Jan 2026 12:48 am

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