
राष्ट्रपति चुनाव: मीरा कुमार होंगी विपक्ष की उम्मीदवार, रामनाथ कोविंद से मुकाबला
लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष की उम्मीदवार होंगी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 17 विपक्षी दलों की गुरुवार को यहां हुई बैठक के बाद मीरा कुमार को उम्मीदवार बनाने की घोषणा की। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि बैठक में मीरा कुमार को सर्वसम्मति से विपक्ष का उम्मीदवार बनाने का फैसला किया गया है।
यह घोषणा किए जाने के समय सोनिया गांधी के साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार, राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव तथा माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी भी मौजूद थे।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि इस चुनाव के लिए मीरा कुमार से अच्छा प्रत्याशी नहीं हो सकता। पूर्व उप प्रधानमंत्री स्वर्गीय जगजीवन राम की पुत्री मीरा कुमार पांच बार सांसद रह चुकी हैं और केंद्र में मंत्री भी रही हैं।
वह 2009 से 2014 तक लोकसभा अध्यक्ष रह चुकी हैं। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन पहले ही बिहार के राज्यपाल रहे रामनाथ कोविंद को अपना प्रत्याशी घोषित कर चुका है और जनता दल यू, बीजू जनता दल और तेलंगाना राष्ट्र समिति जैसे कुछ विपक्षी दल उनके समर्थन की घोषणा कर चुके हैं।
PAK आर्मी ने जाधव के कबूलनामे का दूसरा वीडियो किया जारी, कहा- सजा माफी के लिए दायर की दया याचिका
पाकिस्तानी सेना ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले को लकेर फेसबुक पर नया वीडियो जारी किया है। वीडियो जारी करते हुए पाक आर्मी ने कहा है कि कुलभूषण जाधव ने फांसी की सजा को लेकर पाकिस्तानी सेना प्रमुख के सामने दया याचिका की अपील की है। साथ ही उसने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को स्वीकार कर लिया है।
फेसबुक पेज पर वीडियो पोस्ट करते हुए पाक सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने लिखा है कि पाक की जेल में बंद कुलभूष जाधव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को स्वीकार कर लिया है। साथ ही पाक सेना प्रमुख से अपने लिए मांफी की याचिका दायर करते हुए कहा है कि उसे मांफ कर दिया जाए।
आसिफ गफूर ने अपने पेज पर लिखा है कि मौत की सजा काट रहे भारतीय नेवी के कंमाडर कुलभूषण जाधव ने पाकिस्तान सेना प्रमुख को दया याचिका भेजी है। इसके साथ ही उसने अपने ऊपर लगे आतंकवाद, घुसपैठ और लोगों की जान लेने के आरोपों को भी स्वीकार किया है। और अपनी जान बचाने की गुहार लगाई है।
तो वहीं कुलभूषण जाधव का वीडियो जारी करते हुए इसमें दिखाया गया है कि इसमें वह अपने ऊपर लगे आतंकवाद और जासूसी के कृत्यों को स्वीकार करते हुए कह रहा है कि जो भी दुनिया को पता होना चाहिए कि भारत ने क्या किया है और जो पाकिस्तान के खिलाफ हो रहा है। तो वहीं बताया गया है कि जाधव ने अपने फांसी की सजा को लेकर पहले मिलिटरी अपील कोर्ट में अपील की थी, पर वहां खारिज होने के बाद उसने ऑफ आर्मी स्टाफ के सामने याचिका दायर की है।
गौरतलब है कि कुलभूषण जाधव को मार्च 2016 में पाकिस्तान ने जासूसी आैर देशद्रोही गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद सैन्य अदालत ने उन्हें फांसी की सजा सुनार्इ थी। इसके बाद भारत 8 मर्इ को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जिस पर कोर्ट ने जाधव की फांसी पर रोक लगा दी थी। ये मामला अब भी कोर्ट में लंबित है।
जाट आरक्षण: आंदोलनकारियों ने जयपुर-दिल्ली रेल यातायात किया बाधित, ट्रेनें रुकीं
राजस्थान में जाट आंदोलन को लेकर गुरुवार को भले ही ओबीसी आयोग ने अपनी रिपोर्ट सीएम वसुंधरा राजे को सौंप दिया हो, लेकिन जाट समुदाय का गुस्सा अभी पूरी तरह से शांत नहीं हो पाया है। खबरों के मुताबिक, जाट आंदोलनकारी दिल्ली-जयपुर रेलवे ट्रैक पर बैठ गए हैं। जिसके बाद रेलवे ने मौके पर जीआरपी टीम को रवाना कर दिया है।
सूत्रों के मुताबकि, भरतपुर-धौलपुर के जाटों को आरक्षण देने की मांग को लेकर जाट समुदाय ने विरोध करते हुए शाम को भरतपुर जिले के डीग के पास बहज गांव में जयपुर-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर लिया है। जिसके बाद रेलवे ने भारी माल गाड़ियों को तुरंत ट्रैक पर जाने से रोक दिया।
जाट समुदाय के लोग रेलवे का चक्का जाम कर नारेबाजी कर रहे हैं। जिस कारण वहां से गुजरने वाली ट्रेनों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। तो वहीं गुरुवार को कांग्रेस विधायक व जाट नेता विश्वेन्द्र सिंह ने गांव पथैना में आरक्षण के मुद्दे को लेकर आयोजित सभा को संबोधित किया।
उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम छोटा दिल नहीं रखते। नेता किसी भी पार्टी का हो जो हमारे साथ है, हम उसे धन्यवाद देते हैं। सरकार से वार्ता बंद कर दी। अब तो 23 जून को चक्का जाम करना हमारी मजबूरी है। ये आरक्षण की लड़ाई आर-पार की होगी।
जबकि जाट आंदोलनकारियों ने अपने गुस्से को जाहिर करते हुए रेलवे ट्रैक पर जमकर प्रदर्शन भी किया। जिस कारण जयपुर-दिल्ली रुट से गुजरने वाली सभी ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी पर पहुंचे। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने भरतपुर-धौलपुर के जाटों को आरक्षण देने पर रोक लगा रखी है। वहीं, दोनों जिलों के जाट नेताओं ने आरक्षण को लेकर आंदोलन भी छेड़ रखा है।
राजस्थान के अगले चुनाव में जोरदार प्रदर्शन कर सकें, इसलिए कांग्रेस अपनाएगी ये फार्मूला
राजस्थान में 2013 में भाजपा से करारी हार झेलने के बाद कांग्रेस ने अब आगामी चुनावों को देखते हुए रणनीति बनानी शुरू कर दी है। पार्टी सबसे पहले राजधानी में 1 बूथ 27 यूथ के फार्मूले पर काम करेगी।
जयपुर शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह खाचरियावास ने गुरुवार को विद्याधर नगर व झोटवाड़ा ब्लॉक कांग्रेस के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि जयपुर में सभी ब्लॉक और वार्ड कांग्रेस कमेटियों को अपने प्रत्येक बूथ पर यह फार्मूला लागू करना होगा।
खाचरियावास ने यह चेतावनी भी दी कि इस फार्मूले को लागू नहीं करने वाली ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों और वार्ड कांग्रेस कमेटियों पर कार्यवाही की जाएगी। इस फार्मूले को लागू करने की अंतिम समय सीमा भी 15 जुलाई तय कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जयपुर में अधिकतर बूथों पर बूथ कमेटियां बन गई हैं, लेकिन 15 जुलाई तक सभी बूथ कमेटियों के नाम जिला कांग्रेस कार्यालय में जमा कराना अत्यंत आवश्यक है।
टूटी सड़कों को लेकर विरोध जारी
कबीर मार्ग से स्टेशन रोड़ को जोडऩे वाली मुख्य सड़क को बनाने की मांग को लेकर गुरुवार को पांचवे दिन भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री अरूण चतुर्वेदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन लगातार किया जा रहा है।
सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए फरमान, आधार लिंक तो ही मिलेगा दोपहर का भोजन, 30 जून तक लिंक करवाना जरूरी
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चों को आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। अब आधार कार्ड से लिंक बच्चों को ही दोपहर का भोजन मिलेगा। साथ ही छात्रवृत्ति, निशुल्क पुस्तकें आैर अन्य सरकारी योजनाआें का लाभ भी आधारकार्ड वालों को ही मिलेगा।
सरकार ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। जिन बच्चों के आधारकार्ड नहीं बने हैं, उन्हें 30 जून तक अनिवार्य रूप से आधारकार्ड पंजीयन करवाना होगा। इसके बाद जिनके आधारकार्ड नहीं बनेंगे, उन्हें सरकारी योजनाआें से वंचित किया जा सकता है।
कुक को भी बनाना होगा आधारकार्ड
सरकारी विद्यालयों में मिड डे मील योजना के अंतर्गत कुकम कम हेल्पर को भी अपना आधार कार्ड बनवाना होगा। इसमें कर्इ कुक कम हेल्पर के बैंक खाते तो हैं, लेकिन आधारकार्ड से लिंक नहीं है। आधारकार्ड नहीं होने पर उनका वेतन भी रोका जा सकता है। उन्हें भी 30 जून तक अनिवार्य रूप से आधारकार्ड जमा कराना होगा।
आरटीआर्इ के लिए भी आधार कार्ड जरूरी
शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के तहत गैर सरकारी विद्यालयों में निशुल्क सीटस पर अध्ययनरत बालक-बालिकाआें के लिए केन्द्र सरकार ने आधारकार्ड अनिवार्य कर दिया है। जिन बालक-बालिकाआें के आधारकार्ड उपलब्ध नहीं है। उनके अभिभावक भी 30 जून तक आधार कार्ड के लिए अनिवार्य रूप से पंजीयन करवा लें, जिससे बालिका निशुल्क शिक्षा से बाधित न हो।
शत प्रतिशत आधारकार्ड 30 जून तक बनाना अनिवार्य है। अन्यथा संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी व (आरपी) संदर्भ व्यक्ति के विरुद्घ राज्य सरकार नियमानुसार कार्रवार्इ करेगी। - देवलाल गोचर, शैक्षिक प्रकोष्ठ अधिकारी, प्रारंभिक शिक्षा।
Published on:
23 Jun 2017 08:14 am
