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36 बीघा खेत को बना दिया जंगल, वन्यजीवों की शरणस्थली बना

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36 bigha farm turned into a forest, a refuge for wildlife

पर्यावरण प्रशिक्षण केन्द्र हरिमा में राजस्थान पत्रिका के हरयाळो राजस्थान अभियान के तहत पर्यावरण चेतना समेलन आयोजित नागौर. पौधों के साथ बालिकाएं।

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पद्मश्री भांभू ने कलक्टर पुरोहित सहित सीईओ रविन्द्र कुमार व एसडीएम सुनील कुमार को कर्णधार समान से समानित किया। इसके बाद कलक्टर व पद्मश्री भांभू ने सुनीता चौधरी, अध्यापक भंवरराम खोजा, नशा मुक्ति की मुहिम चलाने वाले धर्माराम गोदारा, बुटाटी विकास समिति अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह, पर्यावरण प्रेमी सुखराम चौधरी, जगदीश चारण आदि को समानित किया। एडवोकेट लिखमाराम भांभू आदि ने अतिथियों का साफा व माला पहनाकर स्वागत किया। पद्मश्री भांभू ने अतिथियों को पौधे भेंट किए

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पर्यावरण प्रशिक्षण केन्द्र हरिमा में राजस्थान पत्रिका के हरयाळो राजस्थान अभियान के तहत पर्यावरण चेतना समेलन आयोजित‘प्रकृति के प्रकोप से बचना है तो अधिक से अधिक पौधे लगाएं’गांव-गांव में तैयार करें ऐसे जंगल

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इन्होंने निभाई भागीदारीपौधरोपण कार्यक्रम में अभिनव स्कूल डेह, कृष्णा बाल निकेतन विद्यालय डेह, भादू आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय झाड़ीसरा, फुलांबाई विद्यालय, मांझवास व विवेक टेक्नो स्कूल गोगेलाव के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने अपनी सहभागिता निभाई। इसके साथ आसपास के गांवों के ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी पौधरोपण कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में जिला परिवहन अधिकारी ओमप्रकाश चौधरी, निरीक्षक कुंभाराम, पूर्व उप प्रधान जानाराम फिड़ौदा, पूर्व बीडीओ हुक्माराम पोटलिया, समाजसेवी हरिराम धारणिया, रामसिंह राठौड़, पूर्व प्रधान रूपाराम भोबिया, पूर्व सरपंच इंद्रचंद फिड़ौदा, कैलाश गोदारा, नारायणनाथ, व्यवसायी शिवकरण डेलू, पर्यावरण प्रेमी रूपाराम जाखड़, डूंगरराम खिलेरी, बिरबल कमेड़िया, जगन्नाथराम घोसलिया, रेंजर हेमेन्द्र फिड़ौदा, जीवराज, कालूसिंह बड़गुजर आदि मौजूद रहे।

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अपने काम को पूजा बनाएंबाड़मेर से आए पूर्व आईपीएस अधिकारी सवाईसिंह गोदारा ने कहा कि कोई भी काम करो तो उसमें अपना शत प्रतिशत दो, ताकि उसके अच्छे परिणाम आएं। उन्होंने पद्मश्री भांभू का उदाहरण देते हुए कहा कि इन्होंने पर्यावरण संरक्षण में शत प्रतिशत दिया, अपने काम को पूजा बना लिया, जिसके परिणामस्वरूप भारत सरकार ने इन्हें पद्मश्री से नवाजा। गोदारा ने नशे से दूर रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि आजकल मोबाइल नाम का नया नशा है, इसमें काम की चीज देखने में बुराई नहीं, लेकिन टाइमपास का साधन नहीं बनाएं। कार्यक्रम को पत्रिका के संपादकीय प्रभारी नागेश शर्मा ने संबोधित करते हुए पत्रिका के सामाजिक सरोकारों की जानकारी दी। शर्मा ने कहा कि नागौर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जो अलख जगी है, उसके परिणाम आगामी वर्षों में देखने को मिलेंगे। कार्यक्रम को भजन गायक निबाराम मांजू ने संबोधित करते हुए ‘देख तमाशा लकड़ी का...’ कविता सुनाई।

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नागौर. शहर के निकट पर्यावरण प्रशिक्षण केन्द्र हरिमा में मंगलवार को राजस्थान पत्रिका के हरयाळो राजस्थान अभियान के तहत पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अतिथियों के साथ ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों ने 251 पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इस मौके पर मुय अतिथि जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित, उपवन संरक्षक सुनील कुमार, पांचला सिद्धा आसन के पीठाधीश्वर सूरजनाथ महाराज, मिर्धा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. शंकरलाल जाखड़, पर्यावरण प्रेमी सुखराम चौधरी आदि ने पद्मश्री हिमताराम भांभू के मार्गदर्शन में पौधे लगाए।

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सक्रिय भूमिका निभाएंकलक्टर पुरोहित ने कहा कि वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत की बात हुई थी, जिसके बाद लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरुकता आई। अब सरकार 14 सितबर से ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की शुरुआत कर रही है, जो 2 अक्टूबर तक चलेगा। उन्होंने अपने जीवन के विभिन्न प्रसंग सुनाते हुए कहा कि इस अभियान में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए गांव, शहर एवं देश को स्वच्छ रखने में अपना योगदान दें। उन्होंने विदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि गांव-शहर को अपना समझें, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फेंकें। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकारी कार्यक्रम या अभियान तभी सफल होते हैं, जब उनसे जनमानस जुड़ता है

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पत्रिका के प्रयासों की सराहनाइनको किया समानितपद्मश्री भांभू सहित अन्य अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं पारपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियानों की सराहना की। भांभू ने कहा कि उनकी दादी की प्रेरणा व पत्रिका के प्रोत्साहन से उन्होंने छह जिलों में 7 लाख से अधिक पौधे लगाए, जिनमें से आज 5 लाख पेड़ बन चुके हैं और हर वर्ष करोड़ों रुपए की ऑक्सीजन मानव मात्र को दे रहे हैं।

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पौधरोपण के बाद आयोजित पर्यावरण चेतना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने कहा कि पद्मश्री हिमताराम भांभू ने 35 बीघा जमीन पर जो जंगल विकसित किया है, उसमें हर प्रकार के जीव-जंतु निवास कर रहे हैं। समाज में हर जीव का महत्व है, यह चक्र चलना चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों व विद्यार्थियों से आह्वान किया कि अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और उनकी देखभाल करें। कोरोना ने हमें ऑक्सीजन का महत्व बता ही दिया है। चाहे किसी के पास कितना ही धन क्यों न हो, प्रकृति के प्रकोप से कोई नहीं बच सकता, इसलिए पर्यावरण का संरक्षण जरूरी है।

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उप वन संरक्षक सुनील कुमार ने पद्मश्री भांभू के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अपने-अपने गांव में इस प्रकार जंगल तैयार करें। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान देने तथा किताबी ज्ञान को व्यवहारिक ज्ञान में परिवर्तित करने की बात कही। पूर्व प्राचार्य डॉ. शंकरलाल जाखड़ ने मंच संचालन करते हुए कहा कि मोबाइल का उपयोग केवल पढ़ाई के लिए करें और नशे से दूर रहें।

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पांचला सिद्धा आसन के पीठाधीश्वर सूरजनाथ ने पेड़ों का महत्व बताते हुए कहा कि इनकी उम्र सैकड़ों-हजारों साल होती है, इसलिए इससे बड़ा धर्म का कोई काम अन्य नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि धर्म को कर्मकांड तक सीमित नहीं रखें, उसको प्रकृति से जोड़ें। केशवदास की बगीची के महंत जानकीदास ने कहा कि पेड़ ऐसे संत हैं, जो जीवन भर हमें देने का काम करते हैं, लेते कुछ नहीं। हमें भी पेड़ों की तरह परोपकारी बनना चाहिए। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामचंद्र उत्ता ने पेड़ों का महत्व बताते हुए अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पद्मश्री भांभू ने यहां ऑक्सीजन की फैक्ट्री बना दी है।

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36 बीघा खेत को बना दिया जंगल, वन्यजीवों की शरणस्थली बना

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नागौर के पर्यावरण प्रेमी पद्मश्री हिम्मताराम भांभू ने शहर के निकट हरिमा गांव में 36 बीघा जमीन खरीदकर पिछले 35 साल में 14 हजार से अधिक पेड़ लगाकर खेत को जंगल का रूप दे दिया। पद्मश्री भांभू के अनुसार इस जंगल में सैकड़ों वन्यजीवों के साथ करीब 300 मोर भी रहते हैं, जिन्हें वे रोजाना दाना-पानी देते हैं। भांभू ने यहां पर्यावरण प्रदर्शनी भी लगा रखी है, जिसे देखने विद्यार्थी, आमजन और अधिकारी आते हैं। मंगलवार को यहां राजस्थान पत्रिका के हरयाळो राजस्थान अभियान के तहत 251 पौधे लगाए गए। फोटो: चंद्रशेखर वर्मा, ड्रोन सहयोग: आईदानराम महिया