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कृषि मंडी में कृषि प्रसंस्करण कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति चर्चा

Nagaur. कृषि उपज मंडी समिति के सभागार में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना , कृषि प्रसंस्करण कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति, इलेक्ट्रोनिक-नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट परियोजना जागरूकता बैठक हुई

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Agro-processing agribusiness and agricultural export promotion policy discussion in the agricultural market

Agro-processing agribusiness and agricultural export promotion policy discussion in the agricultural market

नागौर. कृषि उपज मंडी समिति के सभागार में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना , कृषि प्रसंस्करण कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति, इलेक्ट्रोनिक-नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट परियोजना जागरूकता बैठक हुई। कृषकों को नीति के प्रावधानों एवं योजना अंतर्गत दिए जाने वाले विभिन्न प्रकार के अनुदानों एवं योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया आदि पर विस्तार से चर्चा की गई। मण्डी सचिव रघुनाथ राम सिंवर एवं विजिटिंग ऑफिसर शिशुपाल सिंह चौधरी ने राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति, 2019 के प्रमुख प्रावधान जैसे पूंजीगत निवेश अनुदान में कृषि प्रसंस्करण उद्योगों एवं आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए कृषक एवं उनके संगठनों को परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अनुदान देय, ब्याज अनुदान में संचालन लागत कम करने के बारे में बताया गया। इसके लिए भारतीय रिर्जव बैंक से मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्थान व अनुसूचित बैंको से साावधि ऋण लिए जाने पर पांच प्रतिशत की दरें पांच वर्ष तक प्रसंस्करण उद्योगों के लिए अधिकतम 50 लाख रू. एवं आधारभूत संरचना इकाईयों के लिए 100 लाख रू. ब्याज अनुदान व परिवहन अनुदान में राज्य में उत्पादित ताजा फल एवं सब्जियों तथा फूलों, मसालों एव प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों, अप्रसंस्कृत कृषि उत्पादों क निर्यात पर अनुदार पर बिंदुवत समझाया गया।
खाद्य उद्योग उन्नयन योजना की भी दी जानकारी
मण्डी एनालिस्ट पवन तंवर ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आत्मनिर्भर भारत वोकल फॉर लोकल के सपने को पूरा करने के लिए इस योजना की परिकल्पना की गई है। इसमें व्यक्तिगत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को 10.00 लाख रूपये प्रति यूनिट की अधिकतम सीमा के साथ पात्र परियोजना लागत के 35 प्रतिशत की दर से क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी प्रदान की जाएगी। लाभार्थी का अंशदान परियोजना लागत का कम से कम 10 प्रतिशत होना चाहिए। इसके लिए शेष बैंक से ऋण होना चाहिए। इस योजना के तहत् एक जिला एक उत्पाद के अन्तर्गत नागौर जिले के लिए पान मैथी को चुना गया है। अत: पान मैथी से जुड़े व्यापारी इसका लाभ उठा सकते हैं। ई-नाम परियोजना में हुए नये परिवर्तन के बारे में जानकारी देने के साथ ही ई-नाम प्रयोगशाला में ग्रेन मोर्फोलोजि मशीन, ऑयल टेस्टींग मशीन में गुणवता, परीक्षण करके फसल की गुणवता जांच रिर्पोट की जानकारी दी गई। इस दौरान मण्डी समिति व्यापार मण्डल के अध्यक्ष मुलचन्द भाटी, स्पाईस बोर्ड सदस्य भोजराज सारस्वत, पान मैथी व्यापार मण्डल के अध्यक्ष रामस्वरूप चाण्डक, नरेन्द्र संखलेचा, प्रकाश भाटी, मनीष बंसल, उम्मेदसिंह राजपुरोहित, विष्णु चाण्डक, मुकेश मित्तल, मनमोहन अग्रवाल, कैलाश अटल, रामावतार चाण्डक, अशोक राठी,स्वदेश बांठिया, सुरेश बजाज,रामप्रसाद, मनोज धारणीया, मुकेश पारिक, घनश्याम करवा आदि उपस्थित थे।

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