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ट्रेलर, लोडिंग टैंपो में भिड़ंत, मां, बेटे और बहू की मौत

नागौर. राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर ईनाणा गांव के बाइपास पर शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे हुए भीषण हादसे में मां, बेट और बहू (तीन लोगों) की मौके पर ही मौत हो गई। लोडिंग टैंपो और ट्रेलर में आमने—सामने की इतनी तेज टक्कर हुई कि लोडिंग टैंपो के परखच्चे उड़ गए। लोडिंग टैंपो नागौर से […]

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नागौर. राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर ईनाणा गांव के बाइपास पर शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे हुए भीषण हादसे में मां, बेट और बहू (तीन लोगों) की मौके पर ही मौत हो गई। लोडिंग टैंपो और ट्रेलर में आमने—सामने की इतनी तेज टक्कर हुई कि लोडिंग टैंपो के परखच्चे उड़ गए। लोडिंग टैंपो नागौर से मूण्डवा की ओर आ रही थी, जबकि ट्रेलर मूण्डवा से नागौर की ओर जा रहा था।

टक्कर के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार

सीधी सड़क पर आमने-सामने हुई भिड़ंत ओवरटेक करने के प्रयास के कारण होना बताया जा रहा है। टक्कर के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। हादसे के चलते सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही मूण्डवा थानाधिकारी सीआई सुरेश कुमार चौधरी जाब्ता के साथ मौके पर पहुंचे। हाईवे का यातायात सुचारू करवाया। पुलिस ने दोनों वाहनों को अपने कब्जे में लिया तथा शवों को मूण्डवा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।

तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत

प्रत्यक्षदर्शी परमेश्वर ईनाणियां ने बताया कि आपातकालीन एंबुलेंस सेवा 108 से संपर्क करने में करीब दस मिनट का समय लग गया। जिससे घायलों को समय पर मदद नहीं मिल सकी। मूण्डवा निवासी चुका (45) पत्नी ऊमरदीन तेली, उसका पुत्र रूस्तम (30) तथा पुत्रवधू गुलसन (24) तीनों लोडिंग टैंपो में सवार होकर नागौर से मूण्डवा की ओर आ रहे थे। आमने-सामने की भिड़ंत में तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

जानलेवा बनता जा रहा बाइपास

हाईवे का यह बाइपास क्षेत्र लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। सीधी सड़क होने के कारण वाहन तेज गति से चलते हैं। डिवाइडर नहीं होने से ओवरटेक करना आम बात है, जिससे थोड़ी सी चूक भी जानलेवा बन जाती है। इन दिनों पानमैथी की आवक तेज हो रही है। मंडी चालू नहीं होने के कारण व्यापारी हाईवे पर ही खरीदारी कर रहे हैं। जनाणा-खजवाना से लेकर अठियासन की रिंग रोड तक दोपहर बाद से रात तक पानमैथी की लोडिंग जीपों की तेज आवाजाही बनी रहती है।

अनाथ हो गई बेटियां

मृतक रूस्तम की दो छोटी बेटियां हैं। इस हादसे में डेढ़ साल की फातमा और छह साल की बेटी आल्या के सिर से माता-पिता और दादी का साया उठ गया।

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